सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था बेहाल मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गये नगर पर्षद के सफाईकर्मीफोटो-नवादा/5कैप्शन- शहर के सफाईकर्मी शहर के चौक चौराहों पर पसरा कचराप्रतिनिधि4नवादा (सदर)छह सूत्री मांगों के समर्थन में हड़ताल पर गये नगर पर्षद के सफाई कर्मियों के कारण शहर की सफाई व्यवस्था बदहाल हो गयी है. शहर के कई कूड़ा प्वाइंट से कचरे का उठाव भी नहीं किये जाने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. नगर पर्षद ने इस व्यवस्था से निबटने के लिए गैर हड़ताली सफाई कर्मियों को ड्यूटी पर लगाने का निर्णय लिया है. सफाई कर्मियों की हड़ताल के कारण मेन रोड, अस्पताल रोड, पुरानी बाजार, स्टेशन रोड, विजय बाजार, कचहरी रोड सहित अन्य मार्गों की सफाई व्यवस्था चरमरा गयी है. सड़कों पर कचरों का ढेर पसर गया है. इससे आने-जाने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. शहर के मेन रोड, पुरानी बाजार तिमुहानी मोड़, कलाली मोड़, स्टेशन रोड सहित अन्य कचरा प्वाइंट से कचरा का उठाव हड़ताल के कारण नहीं हो पाया है. क्या है सफाई कर्मियों की मांगेंनगर पर्षद में कार्यरत सफाई मजदूर संघ ने मास्टर रोल पर कार्यरत मजदूरों को अविलंब वेतन वृद्धि करने, सफाई मजदूरों को स्थायी करने, छठा वेतनमान को लागू करने, एरियर का भुगतान करने आदि मांग को लेकर हड़ताल पर गये है. सफाई मजदूर संघ के संरक्षक दिनेश कुमार अकेला व संयोजक अर्जुन डोम ने बताया कि मांगों को लेकर पिछले कई साल से आंदोलन किया जा रहा है. परंतु अधिकारियों की अनसुनी के कारण कोई कारगर कदम नहीं उठाया जा रहा है. हालात यह है कि दिन प्रतिदिन स्थायी सफाई कर्मियों की संख्या में भी कमी आती जा रही है. फिर भी दैनिक मजदूरों को स्थायी नहीं किया जा रहा है. हड़ताल पर गये सफाई मजदूरों ने बताया कि जब तक मांगे पूरी नहीं होगी, सभी सफाई कर्मी पूरी तरह से हड़ताल पर रहेंगे. नगर पर्षद ने क्या की व्यवस्थानगर पर्षद के अंतर्गत काम करनेवाले सफाई कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने के बाद नगर पर्षद ने भी वैकल्पिक व्यवस्था की तलाश शुरू कर दी है. नगर पर्षद वैसे सफाई कर्मियों से बातचीत कर नगर में सफाई व्यवस्था शुरू कराने का प्रयास कर रही है, जो सफार्इ कर्मी मांगों को लेकर हड़ताल में शामिल नहीं है. पहले चरण में नगर पर्षद शहर के मुख्य मार्गों की सफाई कराने के साथ-साथ कूड़ा प्वाइंट से कचरे उठाने का काम शुरू करेगी. फिर भी सफाई व्यवस्था पटरी पर नहीं लौटी, तो पड़ोसी जिलों से सफाई कर्मियों को बुला कर सफाई व्यवस्था को दुरुस्त कराने का प्रयास किया जा रहा है. क्या कहते हैं अधिकारीसफाई कर्मियों की मांगे जायज नहीं है. प्रतिदिन दो घंटे ही ड्यूटी करते है. वर्ष 2014 से छठे वेतनमान को भी लागू किया गया है. प्रतिदिन मिलने वाली राशि को 168 रुपये के बजाये 200 रुपये किया गया है. सफाईकर्मी प्रतिदिन आठ घंटे काम करें, तो उन्हें 200 से बढ़ा कर 240 दिया जा सकता है. साथ ही उन्होंने कहा कि डेली बेजिज कर्मियों को स्थायी करने का कोई प्रावधान नहीं है. विभागीय निर्देश प्राप्त होने के बाद ही इस पर कोई कदम उठाया जा सकता है. सफाई व्यवस्था को बहाल करने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं. कृष्ण मुरारी, कार्यपालक पदाधिकारी, नवादा
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था बेहाल
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था बेहाल मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गये नगर पर्षद के सफाईकर्मीफोटो-नवादा/5कैप्शन- शहर के सफाईकर्मी शहर के चौक चौराहों पर पसरा कचराप्रतिनिधि4नवादा (सदर)छह सूत्री मांगों के समर्थन में हड़ताल पर गये नगर पर्षद के सफाई कर्मियों के कारण शहर की सफाई व्यवस्था बदहाल हो गयी है. […]
