नवादा (नगर) : होलिका दहन के लिए लकड़ी इकट्ठा करनेवाले बच्चों व युवाओं की टोलियां जब गांव-मोहल्ले में हे जजमानी तोहरा सोने की किवाड़ी दू गो गोयठा दा… की धुन सुनाते थे, तो बरबस ही घरों से महिलाएं व पुरुष निकल कर होलिका दहन के लिए लकड़ी, गोयठा (उपले), पकौड़ीव अन्य चीजें देते थे. यह परंपरा अब धीरे-धीरे समाप्त हो रही है.
होलिका दहन के लिए लकड़ी इकट्ठा करना अब दूर की बात हो रही है. पुराने दिनों की तरह अगजा की लकड़ी का आकार बड़ा नहीं हो पाता. लेकिन, दिलों में जो भावना है वह काफी बड़ा बना है. पार नवादा क्षेत्र के विभिन्न टोलों मोहल्लों में बच्चे व बड़े गले में टीन का ढोल बनाये.-गाते बजाते लोगों के यहां जाकर होलिका दहन के लिए सामग्री इकट्ठा करते दिखे. सामान इकट्ठा कर रहे सूरज कुमार, गौतम कुमार, विवेक, अंकुर आदि ने कहा कि होली का त्येाहार साल में एक बार आता है इसमें सभी लोग मिल जुल कर खुशियां मनाते हैं. नगर में मुख्य रूप से पुरानी बाजार मोड़, लाल चौक, पंपुकल चौक, प्रजातंत्र चौक, सद्भावना चौक, पार नवादा बिजली के सामने, देवी स्थान, भगत सिंह चौक, रेलवे क्रॉसिंग, स्टेशन रोड सहित नगर के कई अन्य जगहों पर होलिका दहन कार्यक्रम पारंपरिक तरीके से किया गया.
रजौली. कई टीमों द्वारा होलिका दहन के लिए मंगलवार को तैयारियां की गयी थी. बाजार के कलाली रोड, उपरटंड़ा, महसई, बभनटोली, महादेव मोड़, थानामोड़, पुरानी बस स्टैंड, बाइपास आदि स्थानों पर होलिका दहन किया गया.
