झारखंड से बालू लेकर आ रहे चार ट्रक जब्त

अकबरपुर व नगर थानों में ट्रक मालिकों व ड्राइवरों के खिलाफ एफआइआर दर्ज नवादा (सदर) : जिले में इन दिनों बड़े पैमाने पर अब बालू की तस्करी शुरू हो गयी है. झारखंड की सीमा से सटे नवादा जिले में बड़े पैमाने पर झारखंड से बालू लाकर नवादा के ग्रामीण इलाकों में ऊंची कीमतों पर बेचा […]

अकबरपुर व नगर थानों में ट्रक मालिकों व ड्राइवरों के खिलाफ एफआइआर दर्ज
नवादा (सदर) : जिले में इन दिनों बड़े पैमाने पर अब बालू की तस्करी शुरू हो गयी है. झारखंड की सीमा से सटे नवादा जिले में बड़े पैमाने पर झारखंड से बालू लाकर नवादा के ग्रामीण इलाकों में ऊंची कीमतों पर बेचा जा रहा है.
प्रशासन के बालू उठाव पर रोक लगाये जाने के आदेश के बाद भी रात के अंधेरे में जिले के कई घाटों से बालू का उत्खनन अर्थमूवर से किया जा रहा है. बालू अब बालू न होकर सोने का अंडा देनेवाली मुर्गी साबित हो रही है. रोक के बाद अवैध रूप से उत्खनन करनेवाले लोगों की कमाई तो बढ़ी ही है. साथ ही स्थानीय पुलिस की भी चांदी है. ऐसे तो दिखावे के तौर पर कार्रवाई की जा रही है. मंगलवार की रात झारखंड के कोडरमा जिला के अंतर्गत सतगावां से बालू का उठाव कर नवादा में बेंचे जाने के लिए जा रहे तीन ट्रक को अकबरपुर अंचलाधिकारी ने फतेहपुर मोड़ के समीप से जब्त किया है.
जबकि सतगावां से फतेहपुर आने के दौरान गोविंदपुर व अकबरपुर का थाना सड़क पर ही सामने पड़ता है. इसके बाद भी बालू लदे ट्रक उस रास्ते से गुजर कर फतेहपुर मोड़ तक पहुंच गया. इस मामले में कहीं न कहीं दोनों थाने की संलिप्तता प्रतीत होती है. इधर, नगर थाने की पुलिस ने भी मंगलवार की रात नगर थाना क्षेत्र से बालू लदे एक ट्रक को जब्त किया है.
इस मामले में अकबरपुर व नगर थाने में ट्रक मालिकों व ड्राइवर के खिलाफ एफआइआर की गयी है. बड़े पैमाने पर शुरू हुए बालू की तस्करी में अब वैसे लोग भी जुड़ गये हैं जो कम समय में अधिक मुनाफा कमाने की जुग्गत में रहते हैं.
झारखंड से लाये जा रहे एक ट्रक बालू की कीमत 20 से 25 हजार रुपये ली जा रही है. जबकि, ट्रक चालक द्वारा इस संबंध में खनन विभाग को कोई भी रॉयलिटी नहीं दी जाती है. खनन विभाग भी ऐसे बालू का उत्खनन कर बेचने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने में जुटी है. जिले के गिरिडीह व जमुई से सटे कौआकोल के सरौनी घाट से रात के अंधेरे में पूरी रात सौ से अधिक ट्रैक्टर बालू का उठाव किया जाता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की मिलीभगत से बालू का उठाव किया जा रहा है. जबकि स्थानीय थानेदार ने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाका होने के कारण रात में चोरी छिपे किया जाता है. जबतक ट्रैक्टर की पीछा किया जाता है तब तक ट्रैक्टर दूसरे रास्ते से भाग निकलते हैं.
गौरतलब हो कि पर्यावरण को होनेवाले क्षति को देखते हुए नेशनल ग्रीन ट्यूब्नल ने पूरे बिहार में 10 फरवरी से बालू के उठाव पर रोक लगा रखी है. इसके बाद जिलाधिकारी मनोज कुमार ने जिले के सभी थानाध्यक्षों व अंचल अधिकारी को बालू का उठाव पर रोक को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था. इसके बाद भी बालू का उठाव धड़ल्ले से किया जा रहा है जो पर्यावरण संकट के साथ-साथ सरकारी राजस्व को भी चुना लगा रहा है.

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