सरकारी स्कूलों में शुरू होंगे स्मार्ट क्लास

सरकारी स्कूलों में शुरू होंगे स्मार्ट क्लास जिले के 14 स्कूलों का किया गया चयनलैपटॉप, प्रोजेक्टर, स्मार्ट बोर्ड की होगी व्यवस्थाआधुनिक शिक्षा से जोड़ने का किया जा रहा प्रयासफोटो-2प्रतिनिधि, नवादा (नगर)जिले के सरकारी स्कूलों को अप-टू-डेट करने का प्रयास सर्व शिक्षा अभियान द्वारा किया जा रहा है. केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा जिले के […]

सरकारी स्कूलों में शुरू होंगे स्मार्ट क्लास जिले के 14 स्कूलों का किया गया चयनलैपटॉप, प्रोजेक्टर, स्मार्ट बोर्ड की होगी व्यवस्थाआधुनिक शिक्षा से जोड़ने का किया जा रहा प्रयासफोटो-2प्रतिनिधि, नवादा (नगर)जिले के सरकारी स्कूलों को अप-टू-डेट करने का प्रयास सर्व शिक्षा अभियान द्वारा किया जा रहा है. केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा जिले के 14 स्कूलों का चयन किया गया है. जहां आधुनिक शिक्षा प्रदान करने के लिए स्कूलों को लैपटॉप, प्रोजेक्टर, स्मार्ट बोर्ड, साउंड सिस्टम आदि उपलब्ध कराये जायेंगे. चयनित स्कूलों के बच्चों को बेहतर तरीके से पाठ्य सामग्री की समझ बढ़ाने के लिए नये तकनीक का सहारा लिया जाना है. पहले से जिले के कई स्कूलों में कंप्यूटर उपलब्ध कराये गये थे. लेकिन, इस बार कंप्यूटर के साथ ही स्मार्ट क्लास की व्यवस्था भी की जा रही है. सत्र 2015-16 में जिले के 14 स्कूलों को स्मार्ट क्लास की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी. इन स्कूलों में अकबरपुर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय जखदेवीपुर, मध्य विद्यालय करम, गोविंदपुर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय बाराटांड, कौआकोल प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय छवैल, नारदीगंज प्रखंड के डोमावार कुंज, मध्य विद्यालय पकड़िया, पकरीबरावां प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय हथियरी, रजौली प्रखंड के मध्य विद्यालय अमावां, मध्य विद्यालय रजौली, उत्क्रमित मध्य विद्यालय चटकरी, रोह प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय भंडाजोर, सिरदला प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय सिंघौल, उत्क्रमित मध्य विद्यालय नावागंज व वारिसलीगंज के उत्क्रमित मध्य विद्यालय चैनपुरा का चयन स्मार्ट क्लास की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए किया गया है. राज्य कार्यालय द्वारा भेजे गये सूची के अनुसार जिले में स्कूलों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी तेज हो गयी है. सभी स्कूलों का चयन राष्ट्रीय स्तर पर ही किया गया है. हालांकि, स्मार्ट क्लास की सूची में जिला मुख्यालय के किसी भी स्कूलों को शामिल नहीं किया गया है. बेहतर सुविधा का मिलेगा लाभसरकारी स्कूल के बच्चे भी स्मार्ट क्लास की मदद से विज्ञान व अन्य विषयों की बातों को सही ढंग से समझ सकेंगे. प्राइवेट स्कूलों में स्मार्ट क्लास के नाम पर अभिभावकों से अतिरिक्त शुल्क वसूले जाते हैं. जबकि, सरकारी स्कूलों में यह सुविधा शुरू हो जाने के बाद बच्चों को ऑन लाइन जुड़ कर भी कई नये विषयों को सिखने का मौका मिल पायेगा. संसाधनों का अभावसर्व शिक्षा अभियान द्वारा सरकारी स्कूलों में भले ही कंप्यूटर व स्मार्ट क्लास की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है, लेकिन स्कूल के बच्चों को इसका सही लाभ मिल पायेगा इसमें संदेह दिखता है. क्योंकि, पहले भी जिला के कई स्कूलों में कंप्यूटर व प्रोजेक्टर की सुविधा दी गयी है. लेकिन, इन स्कूलों में यह सामग्री डब्बे में बंद पड़े हैं. स्कूलों में बिजली की सुविधा का अभाव व ट्रेंड कंप्यूटर टीचर के अभाव में ये सारे उपकरण बेकार पड़े हैं. सामान्य शिक्षक थोड़े बहुत जानकारी देकर खानापूर्ति करने का काम ही कर पाते है. यदि स्कूलों को स्मार्ट क्लास के लिए सारी सुविधाएं दी जा रही है, तो निश्चित ही इसके सही संचालन के लिए योग्य कंप्यूटर टीचर की नियुक्ति भी संबंधित स्कूलों में किया जाना चाहिए. ताकि, बच्चों को स्मार्ट क्लास का लाभ बेहतर ढंग से मिल सके.राज्य कार्यालय से मिला निर्देश स्मार्ट क्लास शुरू करने के लिए लैपटॉप, प्रोजेक्टर, स्मार्ट बोर्ड, साउंड सिस्टम आदि स्कूलों को उपलब्ध कराने का निर्देश राज्य कार्यालय से प्राप्त हुआ है. पत्र के आलोक में कार्रवाई करते हुए चयनित स्कूलों को सामग्री उपलब्ध कराने की कवायद की जा रही है. स्कूलों का चयन सीधे राष्ट्रीय स्तर पर किया गया है. जल्द ही संबंधित स्कूलों को स्मार्ट क्लास की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी. प्रमोद कुमार, संभाग प्रभारी

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