नवादा (सदर) : जिला कल्याण पदाधिकारी (डीडब्ल्यूओ), नाजीर व प्रधान सहायक की मिलीभगत से छात्रवृत्ति वितरण में हुई लगभग करीब चार करोड़ रुपये की हेराफेरी का असर जिले के प्रतिभावान छात्रों के भविष्य पर भी पड़ने लगा है. देश के विभिन्न संस्थानों में पढ़ रहे जिले के छात्र करीब 110 छात्रों को अपने भविष्य की चिंता सता रही है. छात्रवृत्ति के रुपये के गबन का खुलासा होने के बाद फिलहाल जिले से छात्रों के नाम भेजी जानेवाली राशि जारी जारी नहीं की गयी है.
इसके कारण कुछ संस्थानों के जिले के करीब 110 छात्रों को फिलहाल बाहर का रास्ता दिखा दिया है. निकाले गये छात्र गुरुवार को डीएम से शिकायत करने समाहरणालय पहुंचे, लेकिन छुट्टी के कारण किसी भी अधिकारी से उनकी मुलाकात नहीं हो पायी.
महात्मा ज्योतिबा फुले विश्वविद्यालय, जयपुर से एमबीए कर रहे आफताब आलम, मुरारी कुमार, रवीश कुमार, राहुल कुमार, सन्नी कुमार, धर्मेंद्र कुमार, विकास कुमार, राहुल कुमार व आनंद सागर आदि छात्रों ने बताया कि संस्थान ने उन्हें यह कह कर संस्स्थान से बाहर का रास्ता दिखा दिया है कि उनकी छात्रवृत्ति का चेक नहीं आया है.
प्रबंधन ने बताया कि वहां (नवादा) में छात्रवृत्ति के रुपये के गबन का मामला चल रहा है, जब तक छात्रवृत्ति के रुपये नहीं मिल जाते हैं, तब तक उनके संस्थान में उनके लिए कोई जगह नहीं है. छात्रों का कहना है कि उनके संस्थान में तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा 22 दिसंबर से शुरू हो गयी है.
