नवादा में पस्टिल से चली गोली, महिला कांस्टेबुल जख्मी

नवादा में पिस्टल से चली गोली, महिला कांस्टेबुल जख्मीफोटो-23 एनडब्ल्यूडी 1-पुलिस लाइन से घायल महिला कांस्टेबुल को सदर अस्पताल ले जाते सहयोगी.पुलिस लाइन शस्त्रागार से वाहन में शस्त्र रखने के दौरान हुई घटना महिला सिपाही को बेहतर चिकित्सा के लिए भेजा गया पटना मामले की जांच के लिए एसपी ने गठित की तीन सदस्यीय टीम […]

नवादा में पिस्टल से चली गोली, महिला कांस्टेबुल जख्मीफोटो-23 एनडब्ल्यूडी 1-पुलिस लाइन से घायल महिला कांस्टेबुल को सदर अस्पताल ले जाते सहयोगी.पुलिस लाइन शस्त्रागार से वाहन में शस्त्र रखने के दौरान हुई घटना महिला सिपाही को बेहतर चिकित्सा के लिए भेजा गया पटना मामले की जांच के लिए एसपी ने गठित की तीन सदस्यीय टीम प्रतिनिधि, नवादा (सदर)नवादा पुलिस लाइन में बुधवार की अहले सुबह वाहन में शस्त्र रखने के दौरान पिस्टल से चली गोली से ड्यूटी पर तैनात आरती कुमारी उर्फ चांदनी नामक एक महिला कांस्टेबुल (बैज नंबर 1120) जख्मी हो गयी. घटना के बाद उसे सदर अस्पताल, नवादा में भरती कराया गया, जहां से डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया है. प्रथमदृष्टया मामला संदिग्ध देखते हुए एसपी विकास वर्मन ने एसडीपीओ संजय कुमार पांडेय के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है. जानकारी के अनुसार, जिले के नये व पुराने कांस्टेबुलों को हथियार चलाने का प्रशिक्षण बुधवार से शुरू होना था. इसके लिए कांस्टेबुल आरती कुमारी पुलिस लाइन शस्त्रागार से अन्य शस्त्रों के साथ-साथ पिस्टल भी एक वाहन में रख रही थीं. इस दौरान एक पिस्टल से गोली चल गयी, जो महिला कांस्टेबुल की जांघ में जा लगी. शस्त्र रख रही सहयोगी कांस्टेबुल के शोर मचाने पर अन्य कांस्टेबुल दौड़े और जख्मी महिला कांस्टेबुल को इलाज के लिए सदर अस्पताल ले गये. सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद जख्मी कांस्टेबुल को पटना रेफर कर दिया. आरती नालंदा की निवासी हैं. उनकी बहाली महिला आरक्षी के रूप में नवादा में हुई थी. आखिर कैसे चली गोली शस्त्रागार से हथियार रखने के दौरान महिला कांस्टेबुल को गोली लगने के बाद कई सवाल उठ रहे हैं. नवचयनित आरक्षी को कैसे पिस्टल ले जाने के लिए चुना गया था ? पिस्टल में पहले से गोली कैसे भरी हुई थी ? पिस्टल जमा लेने के दौरान उसकी जांच क्यों नहीं की गयी ? नवचयनित महिला आरक्षी को ट्रेनिंग में बंदूक चलाने के बारे में बताया गया होगा, फिर महिला आरक्षी की जान को क्यों जोखिम में डाला गया ? आखिर क्या मंशा थी इससे जुड़े लोगों की. कुछ पुलिसवालों का कहना है कि शस्त्र साफ करने के दौरान हुई फायर में महिला कांस्टेबुल जख्मी हो गयी. ऐसे में यह भी सवाल उठता है कि नवचयनित महिला आरक्षी को पिस्टल को साफ करने क्यों दिया गया, जबकि पुलिस महकमे से महिला कांस्टेबुल को पिस्टल उपलब्ध नहीं करायी गयी है.24 घंटों के अंदर टीम सौंपेगी जांच रिपोर्ट महिला कांस्टेबुल के जख्मी होने के मामले में सदर एसडीपीओ संजय कुमार पांडेय के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया है. 24 घंटों के अंदर टीम को जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मामले का खुलासा हो पायेगा और आगे की कार्रवाई की जायेगी. जांच टीम में सार्जेंट मेजर व नगर थाने के इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह भी हैं. विकास वर्मन, एसपी, नवादा

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