प्रशासन के लिए चुनौती बना धान खरीद रजौली. सरकार बदली पर रजौली प्रखंड के किसानों की किस्मत नहीं बदली. वर्ष 2014 में किसानों को मिलने वाले डीजल अनुदान के रुपये से भी लगभग 65 किसान अभी तक वंचित हैं. प्रखंड के चंद्रशेखर सिंह, सुरेश सिंह, पंकज सिंह, दीना यादव, राजेंद्र यादव, अवधेश यादव आदि किसानों ने यह आरोप लगाया है कि पैक्स अध्यक्ष व बीएओ द्वारा वर्ष 2015 के धान की खरीद की प्रक्रिया शुरू नहीं किये जाने के कारण किसानों को मजबूरन धान व्यापारियों को औने-पौने दामों में बेचना पड़ रहा है. सरकार द्वारा धान का निर्धारित न्यूनतम क्रय मूल्य से भी कम कीमतों पर किसानों को अपना धान व्यापारियों को बेचना पड़ रहा है. यह व्यापारी किसानों से धान खरीद कर इसे दूसरे राज्यों में बेच कर अधिक लाभ कमा कर कर रहे हैं. इससे किसान कर्ज में डूबते जा रहे हैं. इस बदतर स्थिति के कारण बहुत से किसानों का पलायन दूसरे राज्यों में हो रहा है. इस कारण किसान दूसरे राज्यों में जाकर कल-कारखानों में काम करके अपना और अपने परिवार का भरण-पोषण करने को मजबूर हैं. इससे खाद्यान्न उत्पादन में भारी गिरावट आ रही है. इस प्रकार सरकार द्वारा किसानों को दी जाने वाली सारी प्रोत्साहन विफल साबित हो रही है. डीएम मनोज कुमार ने बताया कि सभी पैक्स अध्यक्षों के खाते में पैसा भेज दिया गया है. किसानों का धान खरीदने में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाये जाने पर दोषी लोगों पर कार्रवाई की जायेगी.
प्रशासन के लिए चुनौती बना धान खरीद
प्रशासन के लिए चुनौती बना धान खरीद रजौली. सरकार बदली पर रजौली प्रखंड के किसानों की किस्मत नहीं बदली. वर्ष 2014 में किसानों को मिलने वाले डीजल अनुदान के रुपये से भी लगभग 65 किसान अभी तक वंचित हैं. प्रखंड के चंद्रशेखर सिंह, सुरेश सिंह, पंकज सिंह, दीना यादव, राजेंद्र यादव, अवधेश यादव आदि किसानों […]
