25 से प्लास्टिक कैरीबैग बंद

25 से प्लास्टिक कैरीबैग बंद पर्यावरण संरक्षण को लेकर नगर पर्षद ने उठाया कदम फोटो-5, 5 एप्रतिनिधि, नवादा कार्यालय अगर आप बाजार से सब्जी या अन्य समान की खरीदारी करने बाजार जा रहे हैं, तो अपने साथ जूट से निर्मित बैग या कपड़े की थैली अवश्य ले जायें. क्योंकि, 25 दिसंबर के बाद सामान की […]

25 से प्लास्टिक कैरीबैग बंद पर्यावरण संरक्षण को लेकर नगर पर्षद ने उठाया कदम फोटो-5, 5 एप्रतिनिधि, नवादा कार्यालय अगर आप बाजार से सब्जी या अन्य समान की खरीदारी करने बाजार जा रहे हैं, तो अपने साथ जूट से निर्मित बैग या कपड़े की थैली अवश्य ले जायें. क्योंकि, 25 दिसंबर के बाद सामान की खरीदारी करने पर शहर के दुकानदार आपको प्लास्टिक का बैग नहीं देंगे. शहर में गंदगी को काम करने व पर्यावरण संरक्षण को लेकर नगर पर्षद ने यह कदम उठाया है. नगर पर्षद ने सर्वोच्य न्यायालय के तरफ से 2013 में जारी एक आदेश के आलोक में जिला मुख्यालय में प्लास्टिक कैरीबैग के इस्तेमाल को पूर्णत: प्रतिबंध लगा दिया है. नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण मुरारी ने 30 नवंबर को ही जारी अपने एक आम सूचना में बताया है कि 25 दिसंबर से जिला मुख्यालय में यह आदेश पूरी तरह लागू हो जायेगा. इसके बाद से जिला मुख्यालय में 25 दिसंबर के बाद प्लास्टिक कैरीबैग का इस्तेमाल कानूनन दंडनीय माना जायेगा. उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति या समूह द्वारा नगर पर्षद क्षेत्र के अंतर्गत भारतीय मानक आइएस 9833 : 1981 की विशिष्टियों के बगैर किसी प्रकार के आकार-प्रकार का प्लास्टिक थैले का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा. अपने आम सूचना में कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति पुनर्चक्रित या उससे बने कैरीबैग का इस्तेमाल भंडारण, परिवहन, हस्तालन या एकत्रिकरण कार्य के लिए नहीं कर सकेगा. कोई भी व्यक्ति समूह संगठन 40 माइक्रोन से न्यूनतम मोटाई का कैरीबैग का उत्पादन भंडारण विक्रय अथवा वितरण भी नहीं कर सकेगा. साथ ही उन्होंने कहा है कि कोई भी व्यक्ति, समूह या संगठन बिना सक्षम पदाधिकारी के पूर्व स्वीकृति के किसी भी प्रकार के प्लास्टिक थैले का निर्माण, वितरण या विक्रय नहीं कर सकेगा. प्लास्टिक के उपयोग का प्रतिबंध पान, गुटका, तंबाकु पदार्थ पैकेजिंग, परिवरहन व वितरण आदि में भी प्रतिबंधित है. शहर को पॉलीथिन मुक्त बनाने के लिए उठाया कदमशहर में वन्य एवं पर्यावरण विभाग द्वारा अधिसूचित नियमावली के अनुसार शहर को पॉलीथिन मुक्त बनाये रखने के लिए यह प्रतिबंध लगाया गया है. पॉलीथिन के कारण नालियों में जल-जमाव की समस्या उत्पन्न होती है. साथ ही कूड़ों के ढेर पर फेंके गये पॉलीथिन के खाने से मवेशियों की मौत भी हो रही है. शहर को पॉलीथिन मुक्त बनाये रखने के लिए नगर पर्षद की ओर से आम सूचना जारी की गयी है. पॉलीथिन उपयोग करने वालों के खिलाफ सुसंगत धाराओं के अनुसार कार्रवाई की जायेगी. कृष्ण मुरारी, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पर्षद

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