विभागीय उदासीनता से ही बिजली ठपधमौल. बिजली व्यवस्था में सुधार लाने व हर गांव में बिजली मुहैया कराने के सरकारी दावे तो किये जा रहे हैं. पर, सच्चाई इससे अलग है. विभागीय उदासीनता के कारण ठप हो रही बिजली से उपभोक्ता काफी नाराज हैं. उपभोक्ताओं कि माने, तो चार दिनों से बिजली व्यवस्था चरमरा गयी है़ इसका प्रभाव कुटीर उद्योगों व बिजली पर आधारित कार्यों पर पड़ रहा है़ निरंतर बिजली के गायब रहने से उपभोक्ताओं में काफी मायूसी है़ विभाग के किसी भी अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया जाता है, तो अपना मोबाइल बंद मिलता है. जानकारी के अनुसार, ठंड के इन दिनों पेड़ों के संपर्क में आये तारों पर ओस गिरने के कारण लाईन ट्रीप कर जाने से बिजली आपूर्ति प्रभावित होते रहती है़ आये दिन बिजली की समस्या बरकरार है. जबकि, इस ओर विभाग के कोई भी कर्मी अपने को परेशान करना नहीं चाहते है़ उपभोक्ताओं का आरोप है कि जब भी बिजली बाधित रहने संबंधी जानकारी के लिए एसडीओ अमित कुमार व विभाग के किसी भी अधिकारी से बात की जाती है, तो या तो मोबाइल बंद मिलता है या रिसीव भी नहीं किया जाता है़ बिजली व्यवस्था प्रभावित रहने के कारण बिजली पर आधारित धंधे खास कर कंप्यूटर आपरेट करने वाले या शिक्षण प्राप्त करने वाले बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
विभागीय उदासीनता से ही बिजली ठप
विभागीय उदासीनता से ही बिजली ठपधमौल. बिजली व्यवस्था में सुधार लाने व हर गांव में बिजली मुहैया कराने के सरकारी दावे तो किये जा रहे हैं. पर, सच्चाई इससे अलग है. विभागीय उदासीनता के कारण ठप हो रही बिजली से उपभोक्ता काफी नाराज हैं. उपभोक्ताओं कि माने, तो चार दिनों से बिजली व्यवस्था चरमरा गयी […]
