पुलिस कर्मियों का आवास जर्जर फोटो-10कौआकोल. दूसरे को सुरक्षा प्रदान करने वाली नक्सलग्रस्त कौआकोल थाने की पुलिस के लिए सुरक्षित आवास नहीं है. इसके कारण इन दिनों वह पूरी तरह से असुरक्षित हैं. कौआकोल के नक्सलग्रस्त क्षेत्र होने के कारण थाना कार्यालय को तो भूकंपरोधी भवन बना दिया गया. पर, यहां रहने वाले पुलिस कर्मियों के लिए सुरक्षित आवास का निर्माण नहीं कराया जा सका है. इसके कारण पुलिस कर्मियों को जर्जर क्वाटरों में पोलिथीन टांग कर रहना पड़ रहा है. इसे पुलिस खुद को पूरी तरह से असुरक्षित महसूस कर रही है. थाने परिसर में रोसनी का भी उचित प्रबंध नहीं है. आवश्यक सुविधाओं की कमी के चलते पुलिस कर्मियों को जान हथेली पर रख अपनी ड्यूटी करनी पड़ती है. इस मामले में पकरीबरावां के डीएसपी रामपुकार सिंह ने कहा कि कौआकोल थाने में पुलिस कर्मियों के लिए बैरक बनाने के लिए विभाग को लिखा गया है. थाने में पहले से बने बैरक की हालत काफी गंभीर है. लाचार हो पुलिस कर्मी किसी तरह उसमें रात बीता पा रहे हैं.
पुलिस कर्मियों का आवास जर्जर
पुलिस कर्मियों का आवास जर्जर फोटो-10कौआकोल. दूसरे को सुरक्षा प्रदान करने वाली नक्सलग्रस्त कौआकोल थाने की पुलिस के लिए सुरक्षित आवास नहीं है. इसके कारण इन दिनों वह पूरी तरह से असुरक्षित हैं. कौआकोल के नक्सलग्रस्त क्षेत्र होने के कारण थाना कार्यालय को तो भूकंपरोधी भवन बना दिया गया. पर, यहां रहने वाले पुलिस कर्मियों […]
