कागजों पर चल रहे कई स्कूल

कागजों पर चल रहे कई स्कूल रजौली. हरदिया पंचायत के जंगली इलाके भानेखाप, सुअरलेटी, डेल्वा, जमुनदाहा व कुम्भियातरी गांव स्थित सरकारी स्कूल मात्र कागजी तौर पर चल रहे हैं. भगवान भरोसे चल रहे इन विद्यालयों का कोई देखनहार नहीं है. ग्रामीणों ने विद्यालय के अनियमित रूप से चलने की सूचना बीइओ को दी है. परंतु, […]

कागजों पर चल रहे कई स्कूल रजौली. हरदिया पंचायत के जंगली इलाके भानेखाप, सुअरलेटी, डेल्वा, जमुनदाहा व कुम्भियातरी गांव स्थित सरकारी स्कूल मात्र कागजी तौर पर चल रहे हैं. भगवान भरोसे चल रहे इन विद्यालयों का कोई देखनहार नहीं है. ग्रामीणों ने विद्यालय के अनियमित रूप से चलने की सूचना बीइओ को दी है. परंतु, बीइओ की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. बीइओ रामनंदन सिंह ने बताया कि इन विद्यालय के बंद रहने की सूचना मिली है. जांच कर उचित कार्रवाई की जायेगी. हरदिया पंचायत के मुखिया पति भोला राजवंशी ने बताया कि विद्यालय तो खुलता है, पर नियमित ढंग से नहीं चलता हैं. इसके कई कारण है. उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र होना, फुलवरिया डैम पार कर उक्त क्षेत्र जाना आदि बड़ी समस्याएं है. खासकर महिला शिक्षकों को आने-जाने में काफी परेशानी होती हैं. इन विद्यालय के शिक्षकों के आवागमन का एकमात्र सहारा नाव है. साथ ही यहां के बच्चों के लिए कुछ क्षेत्रीय लोगों के जिम्मे एमडीएम चलाया जाता है. इसमें खाने की गुणवत्ता निम्न स्तरीय होती हैं. ग्रामीणों ने डीएम से उचित कार्रवाई करने की मांग की हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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