ग्रामीण स्तर पर खेल प्रतिभाओं को उभारने का प्रयास, जिले में बन रहे 177 खेल मैदान

NAWADA NEWS.भारत सरकार की खेलो इंडिया व राज्य सरकार की मुख्यमंत्री खेल विकास योजना का असर अब खेल के क्षेत्र में देखने को मिलने लगा है. गांव देहात से निकलकर नयी खेल प्रतिभाएं अब राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिमा का लोहा मनवा रहे हैं.

खिलाड़ियों ने कहा- गांव के खेल कबड्डी, खो-खो, फुटबॉल, एथलेटिक्स आदि की व्यवस्था भी बननी चाहिए

प्रतिनिध, नवादा कार्यालय

भारत सरकार की खेलो इंडिया व राज्य सरकार की मुख्यमंत्री खेल विकास योजना का असर अब खेल के क्षेत्र में देखने को मिलने लगा है. गांव देहात से निकलकर नयी खेल प्रतिभाएं अब राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिमा का लोहा मनवा रहे हैं. खेलो इंडिया ने तो देश में खेल को केंद्र बिंदु के रूप में स्थापित किया है. खिलाड़ियों को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयारी के लिए काफी मदद भी मिलने लगी है.वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर बिहार में मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के तहत अब नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर पदक जीतकर आने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार और इनाम के रूप में सरकारी नौकरी भी मिल रही है. इसका नतीजा है कि खेल प्रतिभाएं अब काफी मेहनत करके अपना प्रदर्शन कर रही है. हालांकि स्थानीय लेवल पर सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए अभी और पहल करने की जरूरत है.

नवादा कर रहा है राष्ट्रीय खेल की मेजबानी

नवादा की खेल प्रतिभाओं का ही जलवा है कि पहली बार 47वीं राष्ट्रीय जूनियर बालिका हैंडबॉल चैंपियनशिप 2025 की मेजबानी जिले ने की. मॉडर्न इंग्लिश स्कूल,कुंती नगर में 18 से 22 जून तक यह भव्य आयोजन हुआ. इसके अलावे यहां के खिलाड़ी राज्य स्तरीय खेलों में भी बढ़चढ़ कर हिस्सेदारी ले रहे हैं.

जिला में बनाए जा रहे 177 खेल मैदान

नवादा जिले में 177 खेल मैदान विभिन्न पंचायतों में बनाये गये हैं. खेल विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सभी स्थानों पर खेल मैदान तैयार किया गया है. कुछ स्थानों पर जमीन विवाद के कारण आवंटन नहीं होने से निर्माम में देरी हो रही है. जिला प्रशासन ने बताया कि लगभग स्थानों पर खेल मैदान इस्तेमाल किया जा रहा है. जानकारी हो कि राज्य सरकार के द्वारा प्रत्येक पंचायत में 9 से 12 लाख रुपये तक की लागत से खेल मैदान तैयार बनाये गये हैं. जिसमें दौड़ने के लिए ट्रैक के अलावा, बास्केटबॉल कोर्ट और बाउंड्री वॉल आदि निर्माण हुआ हैं. जाहिर है कि आने वाले दिनों में अलग-अलग गांव से भी बास्केटबॉल के बेहतर खिलाड़ी उभर कर सामने आयेंगे. जिले की माखर पंचायत के रूनीपुर हुडराही खेल मैदान का उद्घाटन खुद मुख्यमंत्री ने किया था. इस खेल मैदान में सुबह- शाम प्रैक्टिस के लिए खिलाड़ियों के अलावे आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में योग व्यायाम के लिए पहुंचते हैं.

स्थानीय खिलाड़ी कर रहे शिकायत

खेल मैदान के निर्माण के बाद भी स्थानीय खिलाड़ियों संतोष कुमार वर्मा, राहुल कुमार, सोनू कुमार आदि की ओर से नाराजगी जाहिर की जा रही है.उनका कहना है कि कई स्थानों पर मैदान का आकार काफी छोटा है. अधिकतर खिलाड़ी एथेलेटिक्स के अलग-अलग खेलों में अपना प्रदर्शन करते हैं. इन्हे प्रैक्टिस के लिए मैदान में स्थान नहीं मिल पाता है. रनिंग के लिए दो सौ मीटर का ट्रैक होना चाहिए, लेकिन मैदान में रनिंग ट्रैक की कमी है. बॉस्केटबॉल खेल के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में न तो खिलाड़ी है और न ही कोच है. जबकि सभी जगह यह ट्रैक बना है. मैदान में खिलाड़ी कबड्डी, फुटबॉल आदि खेलना चाहते हैं जिसके लिए स्थान ही नहीं है.

पंचायत में खेल मैदान निर्माण से जुड़े मुख्य बातें

– प्रत्येक मैदान बनाने में 9 से 12 लाख रुपये खर्च हो रहे- जिला में कुल 177 खेल मैदान बनाया जा रहा.

क्या कहते हैं जिला खेल पदाधिकारी

खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास हो रहा है. पंचायती राज विभाग में मनरेगा के माध्यम से कुल 177 खेल मैदान बनाये जा रहे हैं. इसके अलावा जिला मुख्यालय में खेल विभाग के द्वारा बुधौल में मल्टीपर्पज खेल भवन बनाया जायेगा. जिसे बनाने में लगभग 40 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे. इसके लिए स्वीकृति मिल गयी है. अभी हमलोग इसके प्रोजेक्ट का डीपीआर तैयार करवा रहे हैं. इसी प्रकार से वारसलीगंज प्रखंड में भी खेल मल्टीपर्पज भवन बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है.

रवि जी, प्रभारी जिला खेल पदाधिकारीB

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By Vishal kumar

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