दुकानदार फलों के अवशेष फेंक रहे सड़क पर
नप अध्यक्ष ने कहा विभाग कठोर कदम उठायेगा
नवादा : नगर पर्षद भले ही शहर में गंदगी को लेकर जितना जतन कर ले, पर यहां के लोगों की मानसिकता में बदलाव जब तक नहीं आयेगा, तब तक शहर को स्वच्छ नहीं बनाया जा सकता है. वर्तमान में शहर के सबसे प्रमुख मार्ग मेन रोड इन दिनों अपने सीने पर गंदगी का बोझ लिये त्राहिमाम कर रहा है. इस मार्ग पर दिन भर कचरे का अंबार लगा रहता है. नगर पर्षद के कर्मियों द्वारा नियमित सफाई भी की जा रही है, पर गंदगी है कि समाप्त ही नहीं हो रही है. इसके लिए लोग भले ही नगर पर्षद को दोषी बता कर अपनी जिम्मेदारियों से पलड़ा झाड़ ले रहे हों, परंतु लोग जिस तरह से अपने प्रतिष्ठानों व घरों की सफाई पर ध्यान देते हैं,
उसी तरह शहर की सफाई के प्रति जब तक जागरूकता नहीं दिखायेंगे, तब तक मेन रोड स्वच्छ और साफ नहीं हो सकता है. इस रोड को इन दिनों गंदगी का जो रोग लगा है, उसका सबसे बड़ा कारण यहां के कारोबारी हैं. खास कर वैसे कारोबारी जो कच्चे सामान का कारोबार किया करते हैं. इनमें सबसे महत्वपूर्ण है फल व सब्जियों के कारोबारी, जिनके द्वारा प्रत्येक दिन माल मंगाया जाता है और उसके बचे बेकार अवशेष को मेन रोड के हवाले कर दिया जाता है. फलतः ये कारोबारी अपना रोजगार कर तो ले रहे हैं, परंतु शहर को नरक की आग में झोंक भी रहे हैं. इससे शहर का प्रमुख मार्ग कहे जाने वाले मेन रोड पर कचरे का अंबार कभी खत्म नहीं होता है.
फलों के सीजन में बढ़ जाती है गंदगी : जब-जब फलों का सीजन रहता है, तब-तब मेन रोड में गंदगी का अंबार लगा रहता है. यहां फल मंडी के थोक कारोबारी अपने स्वार्थ का कारोबार करनेवालों में हैं. इनको शहर की स्वच्छता का कोई ख्याल नहीं रहता है. गर्मी के मौसम में प्रतिदिन फलों का ट्रक सुबह-शाम मेन रोड में लगते हैं. इनसे उतरने वाले फलों को छोटे कारोबारियों के हाथों बेचा जाता है. उन कच्चे मालों के बेकार अवशेष को निश्चित स्थान पर फेंकने के बजाय शहर की सड़कों पर फेंक दिया जाता है. इसमें केवल थोक विक्रेता ही नहीं, बल्कि उन ठेलों व फुटपाथी दुकानदारों का भी हाथ होता है. ये लोग फलों की दुकान लगाते हैं और उसके अवशेष को सड़क पर उड़ेल देते हैं. ऐसे में शहर की स्वच्छता पर ग्रहण लगा है.
लोगों को कचरे के बीच करनी पड़ रही खरीदारी : नगर के लोगों को इन दिनों रमजान के पाक महीने व ईद की तैयारी के लिये मेन रोड तो आना पड़ रहा है. लोगों को यहां सड़क पर पसरे कचरे पर ही खरीदारी करनी पड़ रही है. ऐसे में नप को दिन में बार-बार सफाई कराना संभव नहीं है. कहा जाता है कि वैसे लोग स्वयं अपने हिस्से की सफाई कराने में उत्सुकता दिखाते तो मेन रोड का आज यह आलम नहीं रहता. प्रजातंत्र चैक से पुल पार तक यह स्थिति बनी है, जिसकी लंबाई महज आधा किलोमीटर है. इससे शहर बदसूरत बन गया है.
