बकरखानी से जुड़ रहे दिल के रिश्ते, राेजे में बनी खास

सेहरी करने के लिए दूध व बकरखानी बेहतर नवादा नगर : मैदा से बनी मीठी रोटी ही बकरखानी के नाम से जानी जाती है. तंदूर में बनायी जानेवाली इस विशेष मीठी रोटी में कई तरह के सूखे मेवे मिलाये जाते हैं. सेहरी के समय सुबह दूध के साथ इसे आसानी से खाया जा सकता है. […]

सेहरी करने के लिए दूध व बकरखानी बेहतर

नवादा नगर : मैदा से बनी मीठी रोटी ही बकरखानी के नाम से जानी जाती है. तंदूर में बनायी जानेवाली इस विशेष मीठी रोटी में कई तरह के सूखे मेवे मिलाये जाते हैं. सेहरी के समय सुबह दूध के साथ इसे आसानी से खाया जा सकता है. रमजान के दिनों में बकरखानी की मांग बढ़ जाती है. पूरे राज्य में नवादा में बनी बकरखानी नामी है़ जिले के अलावे राज्य के अन्य जिलों के दुकानदार नवादा से बकरखानी का कारोबार करते हैं. बिहार के अलावा झारखंड के कोडरमा आदि में भी नवादा के कारीगरों द्वारा बनायी गयी बकरखानी की मांग रहती है. मैदा से बनायी जाने वाली मीठी पावरोटी की तरह दिखने वाली बकरखानी का स्वाद लोगों को खूब भाता है.
दूध के साथ खाने से इसका स्वाद और बढ़ जाता है. वैसे बकरखानी को सब्जियों आदि के साथ भी खाया जाता है. सूर्योदय के पहले सेहरी करनी होती है. उस समय सुबह उठ कर खाने के लिए कुछ बनाने में परेशानी होती है. दूध के साथ बकरखानी लेने से यह सुपाच्य और पौष्टीकारक है.
कई स्थानों से आता है आॅर्डर
बकरखानी का निर्माण नवादा के अलावा गया और बिहारशरीफ आदि में होता है. इसकी डिमांड दरभंगा, समस्तीपुर, पटना आदि जिलों में नवादा के कारीगरों की बनायी बकरखानी पहुंचती है. शहर के पार नवादा रजौली बस स्टैंड के अलावा कई अन्य स्थानों पर बकरखानी बनायी जाती है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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