सिरदला : पुलिस की कार्यशैली के खिलाफ बुधवार को सिरदला थानाक्षेत्र के लौंद बाजार के ग्रामीण सड़क पर उतर आये. लोगों का आरोप था कि मामला दर्ज कराने के बाद पुलिस आरोपितों को गिरफ्तार नहीं कर रही है़ ऊपर से प्राथमिकी से छेड़छाड़ कर आरोपितों को सहयोग किया जा रहा है़ इस दौरान ग्रामीणों ने लौंद से पदमौल सिरदला जानेवाली बाजार की सड़क पर मारपीट में जख्मी युवक को रख कर सड़क जाम कर पुलिस के खिलाफ जम कर नारेबाजी की.
सूचना पर पहुंचे सिरदला बीडीओ कुमुद रंजन, सीओ थुइंया उरांव तथा सिरदला थाना के थानाध्यक्ष राजकुमार व पुअनि रवि रंजन कुमार, भोला सिंह और कुसुम लाल पासवान के आश्वासन पर चार घंटे बाद जाम हटाया. इस दौरान वाहनों की लंबी कतार लगी रही और लोग परेशान दिखे. जाम का नेतृत्व कर रहे मुखिया धर्मेंद्र कुमार, पूर्व मुखिया अनुज कुमार, विपिन कुमार तथा सिपाही जी ने कहा कि 15 अप्रैल की रात चमोथा गांव निवासी अर्जुन राजवंशी के पुत्र अशोक राजवंशी भोज खाकर घर लौट रहे थे. उसी वक्त ग्रामीण चिकित्सक श्री शर्मा सहित चार पांच लोगों ने चोर-चोर कह कर युवक की बुरी तरह से पिटाई कर दी थी.
मारपीट में युवक के दोनों पैर और दोनों हाथ तोड़ दिये गये थे. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस वहां से पीड़ित को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिरदला में भर्ती कराया था. वहां डॉ शाहिद सफरुद्दीन ने चिंताजनक हालत में युवक को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल नवादा भेज दिया. इस बाबत थाने में जख्मी युवक के भाई के लिखित आवेदन पर ग्रामीण चिकित्सक भूखन शर्मा सहित चार आरोपितों के विरुद्ध घटना के 10 दिन बीत जाने के बाद प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस ने आरोपिताें को बचाने को लेकर प्राथमिकी में छेड़छाड़ कर कुछ धाराओं को हटा कर सहयोग देने का काम किया तथा आरोपितों के विरुद्ध अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है़ ग्रामीणों ने कहा कि एक सप्ताह पूर्व प्राथमिकी दर्ज की गयी है. यह घटना 15 अप्रैल की ही है.
