खनवां की महिलाओं की धमक अब बरबीघा के आंगन तक

17 मार्च को सेखोपुरसराय में होगा दूसरे हरित खादी केंद्र का शिलान्यास देश की नवरत्न कंपनी ओएनजीसी कर रही मदद नवादा : कहते हैं इरादा नेक हो, तो मामूली सी धमक दूर तक सुनायी पड़ती है. कुछ ऐसा ही हो रहा है सोलर चरखा के जरिये रोजगार तलाशने की संभावनाओं को लेकर. स्थानीय सांसद सह […]

17 मार्च को सेखोपुरसराय में होगा दूसरे हरित खादी केंद्र का शिलान्यास
देश की नवरत्न कंपनी ओएनजीसी कर रही मदद
नवादा : कहते हैं इरादा नेक हो, तो मामूली सी धमक दूर तक सुनायी पड़ती है. कुछ ऐसा ही हो रहा है सोलर चरखा के जरिये रोजगार तलाशने की संभावनाओं को लेकर. स्थानीय सांसद सह केंद्रीय राज्यमंत्री गिरिराज सिंह ने जब संसदीय क्षेत्र के खनवां गांव को गोद लेकर इसे प्रधानमंत्री सांसद आदर्श ग्राम के रूप में चुना, तो लगा यह घिसी-पिटी राजनीति की एक और चाल है. पर, समय के साथ सबकुछ बदलता गया. सोलर चरखा यहां के लोगों की न सिर्फ पहचान बनी बल्कि लोगों की रोजी-रोटी से भी यह जुड़ गया. खास कर वैसी महिलाएं जिसने जीवन में सौ टके के नोट को कभी अपना नहीं कहा.
आज ऐसी महिलाएं अपने घर गृहस्थी को संभाल कर इतरा रही हैं. यह धमक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कानों तक गयी और खनवां की महिला साधन देवी की कहानी उनकी जुबान पर आ गयी. भारतीय हरित खादी खनवां के जरिये खुद को मॉडल के रूप में पेश करने लगा.
ओएनजीसी की मदद से लगाया जा रहा प्लांट
ऑयल एंड नेचुरल गैस कंपनी हुनरमंद महिलाओं की धमक सुन कर खनवां पहुंची. इसकी टीम ने गांव में लगे सोलर चरखा प्लांट का निरीक्षण किया. सरकार और मंत्रालय स्तर पर कई बैठकें हुईं. अंतत: कंपनी इस नतीजे पर पहुंची कि सामाजिक परिवेश को संपन्नता दिलाने के लिहाज से अपना आर्थिक सहयोग दें. बरबीघा के सेखोपुरसराय में लगने वाला यह दूसरा प्लांट ओएनजीसी के सहयोग से लगाया जा रहा है. इस पर लगभग दो करोड़ से अधिक की लागत आ रही है. 17 मार्च को इसका शिलान्यास किया जाना है. लक्ष्य अगले चार महीने में हासिल कर इलाके की महिलाओं को सोलर चरखा से जोड़ कर रोजगार मुहैया कराना है. हालांकि इसके पहले ही जिले में सात प्रशिक्षण केंद्रों की शुरुआत हो चुकी है.
एक लाख लोगों को रोजगार देकर दम लूंगा
राजनीतिक नफे नुकसान के बगैर हिसाब-किताब रखे मंत्री बड़ी ही साफगोई कहते हैं कि महादेव ने चाहा तो एक लाख लोगों को रोजगार मुहैया करा कर दम लूंगा. यह राजनीतिक जीवन का नहीं उनके कर्म का हिस्सा होगा. आर्थिक परेशानियों से जूझनेवाले परिवारों की महिलाएं जब पांच से 10 हजार रुपये घर बैठे कमाती हैं, तो उस परिवार की खुशी की कोई इंतहा नहीं होती. पौरा नहर ने यहां के खेतों को हरियाली दी है. किसानों को सहारा दिया है. यह रोजगार भी इन गांवों के लोगों को नया जीवन देगा. ऐसे प्लांट का पूरे संसदीय क्षेत्र में विस्तार होगा. इसे प्रदेश और देश के स्तर पर रोजगार का मॉडल जरिया बनाना है.
गिरिराज सिंह,भाजपा सांसद सह केंद्रीय राज्यमंत्री,सूक्ष्म-मध्यम व लघु कुटीर विभाग

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