शौचालय नहीं होने से स्वच्छता अभियान पर उठ रहे सवाल

शौचालयों की टंकियां हुईं ध्वस्त, संकरे शौचालय सुविधापूर्ण नहीं शौचालयों के लिए लोगों के पास जमीन नहीं कई वार्डों में अब तक नहीं बनाये जा सके हैं शौचालय अकबरपुर : स्वच्छ भारत अभियान को लांच हुए दो वर्ष हो गये. बावजूद इसके सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का अकबरपुर में हाल बेहतर दिखायी नहीं पड़ता है. […]

शौचालयों की टंकियां हुईं ध्वस्त, संकरे शौचालय सुविधापूर्ण नहीं

शौचालयों के लिए लोगों के पास जमीन नहीं
कई वार्डों में अब तक नहीं बनाये जा सके हैं शौचालय
अकबरपुर : स्वच्छ भारत अभियान को लांच हुए दो वर्ष हो गये. बावजूद इसके सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का अकबरपुर में हाल बेहतर दिखायी नहीं पड़ता है. प्रखंड को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए घर-घर शौचालय तो बनवाये गये पर उन शौचालयों की गुणवत्ता के प्रति ध्यान नहीं रखा गया. यही वजह है कि शौचालयों का उपयोग लाभार्थी कर ही नहीं पा रहे हैं. बताया गया है कि कई शौचालयों की टंकी ध्वस्त हो गयी है. कई शौचालयों के दरवाजे उखड़ गये. लोगों का यह भी कहना है कि शौचालय इतने संकरे और कम ऊंचाई के बनाये गये हैं कि वहां शौच के लिए जाने में असुविधा होती है. अब हाल यह है कि लोग खुले में शौच के लिए जाने को मजबूर हैं.
स्वच्छता अभियान के तहत बने शौचालय महज शो-पीस बन के रह गये हैं. स्वच्छ भारत अभियान के तहत जहां पंचायतों को ओडीएफ करने की तैयारी चरम पर है वहीं कई पंचायत के हाल वाकई चिंताजनक है. गांववालों के अनुसार प्रखंड में अभी भी कई वार्डों में शौचालय निर्माण का काम अधूरा है. ऐसे में समझा जा सकता है कि प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना का प्रखंड में किस तरह क्रियान्वयन हो रहा है. स्वच्छता अभियान को लेकर जिम्मेदार कितने गंभीर हैं.स्वच्छता अभियान के तहत शौचालय निर्माण का उद्देश्य पंचायत को खुले में शौच से मुक्त करना है पर खुले में शौच की परंपरा कम होती नहीं दिखती. महज शो पीस की तरह खड़े शौचालयों से स्वच्छता अभियान की इतिश्री मान लेना ठीक नहीं है. पटना से आने वाली केंद्रीय निरीक्षण टीम द्वारा प्रखंड के शौचालयों व उपयोगिता का निरीक्षण कर ओडीएफ की घोषणा की जाती है. जिसमें अकबरपुर फिलहाल कही टिकता नजर नहीं आता. जरूरत है कि शौचालयों को गुणवत्तायुक्त और उपयोगी बनाया जाये साथ ही सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण में भी रुचि ली जाये ताकि संपूर्ण रूप से खुले में शौच से मुक्त हो कर स्वच्छ प्रखंड बन सके .
सार्वजनिक शौचालय पर भी उदासीन रवैया
अकबरपुर में कई परिवारों के पास छोटी जगह है. शौचालय के लिए उनके पास पर्याप्त जगह भी नहीं है. ऐसे में इन परिवारों के लिए सार्वजनिक शौचालय ही एकमात्र विकल्प है लेकिन प्रखंड द्वारा सार्वजनिक शौचालयों को लेकर भी कोई रूचि नहीं दिखाई पड़ती. प्रखंड के दो पंचायतों में बाजार है. सार्वजनिक शौचालय का निर्माण नहीं होने से फतेहपुर व मलिकपुर नेमदारगंज पंचायत में ओडीएफ का कोई मतलब नहीं है. अब एक आदेश के तहत स्कूल के शौचालयों को सामुदायिक शौचालय घोषित किया गया है. स्कूलों में पानी की व्यवस्था ऐसी नहीं की शौचालयों का लोग उपयोग कर सकें. सार्वजनिक शौचालय के प्रति उदासीन रवैया और निजी शौचालयों में गुणवत्ता के ध्यान न रखने से लगता नहीं की स्वच्छ भारत अभियान में अकबरपुर में अपनी सम्पूर्ण सहभागिता निभा पायेगा.
फतेहपुर मोड़ राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या 31 के बगल में है. यहां हजारों यात्री का ठहराव होता है, लेकिन सार्वजनिक शौचालय नहीं रहने से यात्री को काफी कठिनाई होती है.
बम सिंह, ग्रामीण, डीहा
फतेहपुर बाजार सार्वजनिक शौचालय नहीं रहने से प्राईवेट वाहनों से आने वालों को काफी दिक्कत होती है.लोहिया स्वच्छता अभियान से यहां कोई फायदा नहीं हो रहा है.
अरविंद कुमार, होटल मालिक, फतेहपुर मोड़
फतेहपुर पंचायत को सरकार के द्वारा ओडिएफ घोषित कर दिया गया है, लेकिन सार्वजनिक शौचालय नहीं रहने से फतेहपुर बाजार को शौचमुक्त नहीं किया जा सका है.
बबलू सिंह,ट्रक ड्राईवर
फतेहपुर पंचायत में 1163, मलिकपुर नेमदारगंज पंचायत में 1395 व पचगावां पंचायत में 1045 शौचालय बन गया है. तीन पंचायतों को ओडीएफ कर दिया गया है. शेष 17 पंचायतों में ओडीएफ करने के लिए बेस लाईन सर्वे किया जा रहा है. जल्द ही अकबरपुर प्रखंड को ओडीएफ कर दिया जायेगा. प्रखंड के मलिकपुर नेमदारगंज बलिया बुजुर्ग, फतेहपुर में बाजार है. इन जगहों पर सार्वजनिक शौचालय बनाने का प्रस्ताव आ रहा है. लोहिया स्वच्छता अभियान से सार्वजनिक शौचालय नहीं बनता है.
नौशाद आलम सिद्दीकी,बीडीओ
प्रखंड मुख्यालय जाने के लिए लोग यहां आते-जाते रहते हैं. शौचालय नहीं रहने से लोगों को काफी परेशानी होती है.गोविंदपुर प्रखंड,नरहट प्रखंड के लोग आकर रजौली अनुमंडल जाते है.
वीरेंद्र कुमार, ग्रामीण,नरहट

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >