अच्छी खबर. नगर विकास विभाग के निर्देश पर लगेंगी स्ट्रीट लाइटें
पूरे शहर में 400 से अधिक स्ट्रीट लाइटें लगाने का निजी कंपनी ने लिया है जिम्मा
नवादा : पूरे शहर को प्रकाशमय बनाने के लिए अब नगर पर्षद एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाने की सहमति पर मुहर लगा दी है़ नगर विकास व आवास विभाग के निर्देश पर नप बोर्ड ने इस सहमति पर अपना मुहर लगा दिया है़ शहरी इलाकों में वर्षों से स्ट्रीट लाइटों की समस्याएं बनी हुई थी़ महंगी सीएफएल लाइट और वेपर बल्ब को लगाने में सक्षम नहीं होने के कारण प्राय: स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी है़ं इस बार पूरे नगर पर्षद क्षेत्र को प्रकाशमय करने के लिए विभाग ने कमर कस ली है
और सरकार के आदेश पर नो ऑब्जेक्शन का प्रमाण भी दे दिया है़ बताया जाता है कि पूरे राज्य के नगर निगम, नगर पर्षद व नगर पंचायतों में स्ट्रीट लाइट के रूप में एलइडी बल्ब लगाने का जिम्मा इइएसएल कंपनी को दिया गया है़ पटना बैठक में जाने के पूर्व सोमवार को नप के सभी 33 वार्ड पार्षदों के साथ बैठक कर अनुमति प्राप्त की गयी थी.
हर माह सवा लाख रुपये बिजली का होता है भुगतान
33 वार्डों में लगी लाइटों को लेकर हर माह विद्युत विभाग को करीब सवा लाख रुपये का बिल भुगतान किया जा रहा है़ इसके बावजूद अधिकतर इलाकों में अंधेरा छाया रहता है़ एलइडी लाइटें लगाये जाने की बात सामने आने से लोगों को राहत तो मिली है, पर जब तक काम धरातल पर नहीं उतरता है इसको हवा-हवाई माना जा रहा है़ गौरतलब हो कि जिस कंपनी द्वारा एलइडी लाइट लगाने की बात सामने आ रही है, वह भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के अधीन कार्यरत संयुक्त उपक्रम है. इसके साथ राज्य के नगर विकास व आवास विभाग ने एलइडी लगाने की सहमति दी है़
पारंपरिक स्ट्रीट लाइटों से लोगों को मिलेगा छुटकारा
नगर पर्षद क्षेत्र में पूर्व से पारंपरिक स्ट्रीट लाइटों में लगे वेपर व सीएफएल लाइटों को हटाया जायेगा़ उन मंहगे व अधिक ऊर्जा खपत वाले बल्बों को हटा कर इइएसएल कंपनी की एलइडी लाइटें लगायी जायेगी. इसके लगने से कम ऊर्जा खपत के साथ ही अधिक लाइटें भी दिये जाने की बात कही जा रही है़ पूरी लाईट का निवेश कंपनी के द्वारा किया जाना है़ इसका भुगतान निकायों के द्वारा सात वर्षों में किया जायेगा़ इस दौरान इसकी देख-भाल का जिम्मा कंपनी का होगा
तीन चरणों में लगायी जायेंगी एलइडी लाइटें
नगर पर्षद के सभी 33 वार्डों में इइएसएल कंपनी द्वारा एलइडी लाइटें लगाने का काम तीन चरणों में किया जाना है़ इसका खाका तैयार कर लिया गया है़ प्रथम चरण में पहले से लगी सभी पारंपरिक स्ट्रीट लाइटों का बल्ब बदला जायेगा़ इसमें जो बल्ब खराब है अथवा सही है सभी को बदल कर एलइडी बल्ब लगाया जाना है़ दूसरे चरण में जहां पोल है, लेकिन स्ट्रीट लाइटें नहीं हैं, वहां एलइडी लाइट का पूरा सिस्टम नये तरीके से लगाया जायेगा़ इसके बाद तीसरे चरण में जहां पोल नहीं है, वहां पर पोल के साथ एलइडी लाइट लगाया जाना है़
दो साल पहले शहर में लगे थे 620 सीएफएल बल्ब
नगर पर्षद क्षेत्र में दो साल पहले सभी 33 वार्डों में लगने के लिये 660 सीएफएल का बल्ब मंगाये गये थाे इसमें उन दिनों दो वार्डों को छोड़ कर 31 वार्डों के पार्षदों ने प्रति वार्ड 20-20 सीएफएल बल्ब लिया था़ इस लिहाज से कुल 620 सीएसफएल बल्ब पूरे नप क्षेत्र में लगाने का काम किया गया था़ हाल में हुए नगर निकाय चुनाव के बाद नये वार्ड पार्षदों ने अपने क्षेत्रों में पॉकेट से लाईटें लगायी. जिसका भुगतान बाद में किये जाने का आश्वासन विभाग द्वारा दिया गया था़ इस आधार पर कुछ वार्डों में रौशनी की व्यवस्था की गई थी़ उदाहरण स्वरूप नप के वार्ड 11 में यह परिस्थिति देखने को मिला है़ भीड़-भाड़ वाले प्रमुख वार्ड रहने के कारण वर्षों से स्ट्रीट लाईट के आभाव में मुहल्लेवासी अंधेरे में रहने को विवश थे़ लेकिन नये वार्ड पार्षद के पहल से आज पूरे 11 नम्बर वार्ड स्ट्रीट लाईट से चकाचक बना हुआ है़ वैसे जिस तरह से शहर के 8 स्थानों पर हाईमास्ट लाईट लगा हुआ है़ जो मरम्मत के आभाव में अक्सर खराब पड़ा रहता है़ ऐसी हालातों में ईईसीएल कम्पनी द्वारा किये गये एकरारनामा से लाइटों का रख-रखाव कितना दुरुस्त होगा लोगों के लिये सवाल बन गया है़
क्या कहते हैं अधिकारी
नगर विकास व आवास विभाग के द्वारा इइएसएल कंपनी से एकरारनामा हो गया है़ पूरे नगर पर्षद क्षेत्र में अब एलईडी लाईट लगाया जाना है़ जिसका सहमति बोर्ड से लिया जा चुका है़ इसके लिये पटना में आयोजित बैठक में भी भाग लेने गये हैं. सात सालों में राशि भुगतान किया जायेगा़ साथ ही एलईडी लाईट का देख-रेख का जिम्मा भी कम्पनी पर ही होगा़ इस व्यवस्था से विभाग पर विद्युत विभाग के बिल का बोझ घटेगा और हर इलाका प्रकाशमय हो जायेगा़
कृष्ण मुरारी, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पर्षद, नवादा
