नावों का रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर होगी कार्रवाई

नाव के मालिक व नाविकों की पहचान के लिए उठाया गया कदम नावों को दिया जायेगा सरकारी नंबर रजौली : शुक्रवार को एमवीआइ सुजीत कुमार, सीओ अशोक कुमार ने फुलवरिया जलाशय पर जाकर नाविकों से मिले और उन्हें नावों का निबंधन कराने को कहा. अधिकारियों ने बताया कि जो भी नाविक नाव चलाते हैं, वो […]

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नाव के मालिक व नाविकों की पहचान के लिए उठाया गया कदम
नावों को दिया जायेगा सरकारी नंबर
रजौली : शुक्रवार को एमवीआइ सुजीत कुमार, सीओ अशोक कुमार ने फुलवरिया जलाशय पर जाकर नाविकों से मिले और उन्हें नावों का निबंधन कराने को कहा. अधिकारियों ने बताया कि जो भी नाविक नाव चलाते हैं, वो अपना आधार कार्ड के साथ निबंधन फॉर्म भर कर जिला परिवहन या अंचल कार्यालय में जमा करें.
फार्म जमा होते ही परिवहन विभाग से उनके नाव को एक नंबर दिया जायेगा. नाव की स्थिति का जायजा भी लिया जायेगा. परिवहन विभाग यह तय करेगा कि किस नाव में कितने लोग बैठेंगे. मानक पूरी नही करने पर नाविकों और नाव मालिकों पर कार्रवाई की जायेगी.
गौरतलब है कि रजौली प्रखंड के हरदिया पंचायत के दर्जनों गांवों के लोग आज भी नाव के सहारे अपनी जीवन की नैया पार लगा रहे हैं. फुलवरिया जलाशय के उस पार हरदिया पंचायत के 20 हजार वोटरों की जनसंख्या में 8000 वोटर जंगलों में निवास कर रहे हैं.
फुलवरिया जलाशय का निर्माण 1985 में बिऋहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर ने किया था. इस जलाशय को बने 32 वर्ष बीत गये हैं, लेकिन आज भी जलाशय के उस पार बसे लोग मूलभूत सुविधा से वंचित हैं. लोग सप्ताह में एक दिन शुक्रवार को नाव पर सवार होकर पूरे सात दिनों का राशन खरीद कर ले जाते हैं. गांवों में न तो शुद्ध पानी है, न बिजली, न चिकित्सा की व्यवस्था और न ही यातायात की सुविधा है. यहां पर सरकार की तमाम घोषणाएं फिसड्डी साबित होती हैं.
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