रोपनी के लिए बारिश का इंतजार

बादल उमड़ते-घुमड़ते तो हैं, पर बरसते नहीं वारिसलीगंज : दो-तीन दिनों से आसमान कभी बादलों से ढका रहा, तो कभी तेज धूप निकली. आसमान में उमड़ते-घुमड़ते बादलों की तरफ किसान टकटकी लगाये रहे कि कब बारिश होगी. सुबह से शाम तक बादलों का उमड़ना-घुमड़ना जारी रहा, लेकिन बारिश की बूंदे फुहार बन कर नहीं बरसीं. […]

बादल उमड़ते-घुमड़ते तो हैं, पर बरसते नहीं
वारिसलीगंज : दो-तीन दिनों से आसमान कभी बादलों से ढका रहा, तो कभी तेज धूप निकली. आसमान में उमड़ते-घुमड़ते बादलों की तरफ किसान टकटकी लगाये रहे कि कब बारिश होगी. सुबह से शाम तक बादलों का उमड़ना-घुमड़ना जारी रहा, लेकिन बारिश की बूंदे फुहार बन कर नहीं बरसीं.
वैसे बादलों के चलते कभी-कभी तीखी धूप व भीषण गरमी से जरूर राहत मिली. खेतों में धान का बिचड़ा तैयार है.किसानों सिर्फ बारिश का इंतजार कर रहे हैं. बारिश नहीं होने से किसानों में धान रोपनी की चिंता बढ़ जाती है. नहर में भी पानी नहीं रहने से किसान परेशान हैं.
उनका कहना है कि एक, तो महंगे डीजल से किसी तरह खेतों का पटवन कर धान का बिचड़ा तैयार किया है. अब नहर में भी पानी नहीं दिया जा रहा है. ऐसा लगता है कि डीजल का इस्तेमाल कर धनरोपनी भी की जायेगी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >