Rail Line In Bihar: बिहार में नवादा और पावापुरी के बीच पहली बार ट्रेन की सुविधा लोगों को मिलने वाली है. नवादा-पावापुरी नई ब्रॉडगेज रेल लाइन परियोजना पर जल्द ही काम शुरू होने वाला है. इस प्रोजेक्ट को लेकर अपडेट है कि जमीन अधिग्रहण की मंजूरी मिल गई है. यह परमिशन मिलने के बाद नालंदा जिले में जमीन अधिग्रहण का काम भी शुरू कर दिया गया है.
कितना लंबा बिछाया जाएगा ट्रैक?
जानकारी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट को लेकर लगभग 25.10 किलोमीटर लंबा रेलवे ट्रैक बिछाया जाएगा. नालंदा जिले में गिरियक अंचल के 8 और बिहारशरीफ अंचल के एक गांव की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा. नवादा-पावापुरी नई ब्रॉडगेज रेल लाइन गिरियक का नसीरपुर, जलालपुर, सतौवा, मरकटा, प्यारेपुर, इसुआ, दशरथपुर और पुरी मौजा में जमीन अधिग्रहण होगा जबकि बिहारशरीफ अंचल के पावा मौजा की जमीन अधिग्रहित की जाएगी.
नालंदा-नवादा में कितनी जमीन होगी अधिग्रहित?
बताया जा रहा है कि सबसे ज्यादा इस परियोजना का प्रभाव पुरी गांव पर पड़ेगा. यहां लगभग 44.12 एकड़ की जमीन अधिग्रहित की जाएगी. इस पूरे प्रोजेक्ट में टोटल जमीन अधिग्रहण की बात करें तो, 151 एकड़ की जमीन पर अधिग्रहण होगा. इसमें से लगभग 142.58 एकड़ जमीन नालंदा जिले में जबकि बाकी की बची जमीन नवादा जिले में अधिग्रहित की जाएगी. किसानों से उनकी जमीन को लेकर 30 दिनों के अंदर आपत्ति दर्ज कराने के लिए कहा गया है.
पहली बार रेल लाइन बिछने से फायदे
नवादा-पावापुरी नई ब्रॉडगेज रेल लाइन परियोजना से लोगों को फायदा मिल सकेगा. जमीन अधिग्रहण की प्रकिया पूरी होने के बाद रेलवे निर्माण एजेंसी ट्रैक बिछाना शुरू करेगी. इससे नालंदा और नवादा के बीच आना-जाना आसान हो सकेगा. साथ ही माल ढुलाई में भी लोगों को सुविधा मिल सकेगी.
खास बात यह है कि दोनों एक टूरिस्ट प्लेस है. नालंदा और नवादा में जैन तीर्थ देश-विदेश से पहुंचते हैं. इसके अलावा बिहार से भी काफी संख्या में लोग घूमने के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में उनका पहुंचना आसान होगा. साथ ही आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी और लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ सकेंगे.
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