समीक्षा. चार पीएचसी में मिशन स्वास्थ्य आंचल में उपलब्धि संतोषजनक नहीं
दो का वेतन बंद
योजनाओं के क्रियान्वयन की उपलब्धि में पायी गयी कमी
बिहारशरीफ : लक्ष्य के अनुरूप स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति नहीं पाये जाने पर जिले के आधा दर्जन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों से जवाब तलब किया गया है.साथ ही दो प्रभारियों के वेतन पर रोक लगा दी गयी है.इन प्रभारियों को सख्त निर्देश दिया गया है कि समय पर स्वास्थ्य योजनाओं का क्रियान्वयन करके उपलब्धि को बढ़ायें.शनिवार को सदर अस्पताल के सभागार में जिला स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में जिले के आधा दर्जन अस्पतालों की उपलब्धि संतोषजनक नहीं पाये जाने पर यह कार्रवाई सिविल सर्जन डॉ.सुबोध प्रसाद सिंह ने की.समीक्षा के दौरान सीएस ने पाया
कि मिशन स्वास्थ्य आंचल योजना में लक्ष्य के मुताबिक कतरीसराय,बिन्द,राजगीर व हरनौत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में इसकी उपलब्धि नहीं है.इस बाबत उक्त पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों से शोकॉज करते हुए योजना का समय पर क्रियान्वयन करते हुए उपलब्धि बढ़ायें.ताकि योजना से लाभुक पूरी तरह से लाभांवित हो सके.
बिन्द समेत दो प्रभारियों के वेतन पर रोक
इस बैठक में बिंद पीएचसी के प्रभारी उपस्थित नहीं हो सके इस बाबत भी उनसे स्पष्टीकरण पूछा गया है.साथ इसकी पुनरावृत्ति भविष्य में नहीं हो इस पर भी ध्यान देने को कहा गया है.सिविल सर्जन डॉ.सिंह ने बताया कि बैठक से गायब रहने के आरोप में बिन्द पीएचसी प्रभारी के अनुपस्थित अवधि के वेतन पर रोक लगा दी गयी है. इसके अलावा गिरियक पीएचसी की फैमिली प्लानिंग की उपलब्धि सबसे कम पायी गयी.इतना ही नहीं पिछले बार भी इस अस्पताल की उपलब्धि कम थी.
जिसे सुधार लाने की हिदायत प्रभारी को दी गयी थी. बावजूद सुधार नहीं हुआ.लिहाजा गिरियक पीएचसी प्रभारी के वेतन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गयी है.उन्होंने स्पष्ट कहा कि काम में लापरवाही बरदास्त नहीं की जायेगी.अतएव सभी लोग अपने कर्तव्यों के प्रति हमेशा सजग रहें.लापरवाही बरतने वालों पर निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी.
इस्लामपुर प्रभारी को हिदायत दी गयी है कि अस्पताल की एंबुलेंस को बराबर ठीक रखें. समीक्षा के दौरान सीएस डॉ.सिंह ने शहरी पीएचसी के ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ाने के लिए टास्क दिया गया है.हर माह दो-दो हजार मरीजों का इलाज ओपीडी में करने का टास्क दिया गया है.बिहारशरीफ पीएचसी के तहत शहर में चार शहरी पीएचसी संचालित इन दिनों हो रहे हैं.इन अस्पतालों में मरीजों के इलाज के लिए डॉक्टर से लेकर कर्मी तक पदस्थापित हैं.
साथ ही आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं.अस्थावां पीएचसी में बायोमीट्रिक मशीन खराब है.इसे शीघ्र ठीक करने का निर्देश वहां के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को दिया गया.ताकि कर्मी लोग इसी मशीन से अपनी उपस्थित दर्ज करा सके बायोमीट्रिक मशीन की उपस्थिति के आधार पर कर्मियों का वेतन दिया जा सके.सभी प्रभारियों को निर्देश दिया गया कि टीकाकरण की उपलब्धि नब्बे फीसदी प्राप्त करें.
एक भी बच्चा टीकाकरण से नहीं छूट पाये.विभाग की ओर से बच्चों को जानलेवा रोगों से बचाव के लिए निशुल्क टीके लगाये जा रहे हैं. हरेक अस्पताल में इसकी सुविधा उपलब्ध है.
इन पीएचसी प्रभारियों से भी होगा शोकॉज
घंटी बजती रही पर कॉल रिसीव नहीं हो सकी.राज्य स्वास्थ्य विभाग से शुक्रवार को जिले के चार अस्पतालों की निगरानी की गयी.इस दौरान चंडी,नगरनौसा,हिलसा व करायपरशुराय अस्पताल के बेसिक फोन की घंटी तो बजी.पर संबंधित अस्पताल के कोई स्टॉफ फोन रिसीव करना मुनासिब नहीं समझे.इस मामले को गंभीरता से लिया गया है.सीएस डॉ.सिंह ने बताया कि उक्त अस्पतालों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों से भी शोकॉज किया जायेगा.जवाब संतोषप्रद नहीं होने पर अग्रतर कार्रवाई भी की जायेगी.इस मौके पर अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ.ललित मोहन प्रसाद,डीपीएम डॉ.ज्ञानेन्द्र शेखर,जिला एपिडेमियोलॉजिस्ड डॉ.मनोरंजन कुमार,डब्लूएचओ के एसीएमओ डॉ.देवाशीष मजूमदार समेत जिलेभर के पीएचसी प्रभारी,उपाधीक्षक व स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जुड़े अधिकारी व कर्मी मौजूद थे.
