नालंदा : आवंटन के तीन साल पांच महीने बाद भी सिलाव – गिरियक रोड के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित भूमि का मुआवजा किसानों को नहीं दिया गया है. मुआवजा नहीं मिलने से इलाके के किसानों में गहरी नाराजगी है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सिलाव से गिरियक जाने वाली सड़क का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
नालंदा : आवंटन के तीन साल पांच महीने बाद भी सिलाव – गिरियक रोड के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित भूमि का मुआवजा किसानों को नहीं दिया गया है. मुआवजा नहीं मिलने से इलाके के किसानों में गहरी नाराजगी है.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सिलाव से गिरियक जाने वाली सड़क का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य परियोजना के लिए किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था. इस भू-अर्जन के लिए पथ प्रमंडल बिहारशरीफ के कार्यपालक अभियंता ने अपने पत्रांक 1768, दिनांक 20. 12 .2013 के द्वारा जिला भू-अर्जन विभाग को नौ करोड़ भेजा है.
पथ प्रमंडल बिहारशरीफ के कार्यपालक अभियंता के इस पत्र के अनुसार यह है राशि बैंकर चेक संख्या 28 7249 दिनांक 20. 12 . 2013 से भेजी गयी है. सिलाव प्रखंड के पूर्व भाजपा अध्यक्ष सत्यनारायण सिंह ने बताया कि सिलाव से गिरियक जाने वाली सड़क पहले बहुत पतली थी.
इस सड़क के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए इलाके के किसानों की जमीन का अर्जन पथ निर्माण विभाग द्वारा किया गया था. विभाग ने अर्जित भूमि के मुआवजे के भुगतान के लिए राशि भी आवंटित कर दी है. आवंटन के वर्षों बाद भी किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया है. भाजपा नेता ने बताया कि मुआवजा नहीं मिलने के कारण इलाके के किसानों में गहरी नाराजगी है. किसानों ने सड़क के चौड़ीकरण का कार्य कराने पर रोक लगा दिया है. उन्होंने बताया कि
सड़क निर्माण के लिए अर्जित भूमि के मुआवजा की भुगतान के लिए इलाके के किसानों ने मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री सह पथ निर्माण मंत्री, भू अर्जन निदेशक को ज्ञापन भेजकर शीघ्र मुआवजे की भुगतान की मांग की है.
भाजपा नेता ने बताया कि पथ निर्माण विभाग के संयुक्त सचिव ने अपने पत्राक 49/17, दिनांक 31 मार्च 2017 के द्वारा जिला पदाधिकारी नालंदा और जिला भू अर्जन पदाधिकारी नालंदा को संयुक्त रूप से कार्यवाही करने का निर्देश दिया है. पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि कार्यवाही करते हुए कृत कार्रवाई से मुख्यमंत्री सचिवालय को भी अवगत कराया जाय.