बिहारशरीफ : जिला न्यायालय के प्रथम त्वरित न्यायाधीश रामप्रताप अस्थाना ने सत्र परिवाद संख्या 795/02 के विचारणोंपरांत साक्ष्य के अभाव में आरोपी विनोद कुमार अधिवक्ता सहित सत्येंद्र सिंह, पवन सिंह उर्फ मिंटू, अशोक, कृष्णा, मनोज सिंह, बबलू सिंह उर्फ अमित, मुकेश, विनय, राजीव, कैलू उर्फ संजीव सिंह, मकई उर्फ राकेश सिंह, मुन्नु उर्फ विनय सिंह को रिहा करने का फैसला सुनाया. इस मामले मे अन्य दो आरोपितों राजेश सिंह व मनीष की विचारण के दौरान ही मृत्यु हो गयी थी.
पीडि़ता व आरोपी सभी दीपनगर थाना क्षेत्र के मघड़ा ग्रामवासी है. पीडि़ता के पिता व सूचक नवल सिंह के फर्द बयान पर दीपनगर थाना कांड संख्याच 57/02 के तहत दर्ज आरोप के अनुसार पुरानी दुश्मनी विवाद में आरोपियों ने घर पर चढ़ कर घटना को अंजाम दिया. 30 मार्च 02 को सभी आरोपी तब हरवे हथियार सहित घर पर चढ़ गये जब सूचक अपने परिवार के साथ बरामदे में बैठा था.
आरोपियों की गोलीबारी से गर्भवती पीडि़ता गौरी देवी की घटना स्थल पर ही मृत्यु हो गयी थी. मामले के विचारण के दौरान वरीय अधिवक्ता वीरेन कुमार व शंभु शरण सिंह ने बचाव पक्ष से बहस व 12 साक्षियों का प्रति परीक्षण किया था.
