सिलाव : भुई में चल रहे कचरा मॉडल को पूरे भारत में लागु करने की जरूरत है. बिहार राज्य के नालंदा जिले के भुई गांव बिहार के लिए नहीं देश के लिए उदाहरण बन कर उभर रहा है, जो काबिले तारीफ करने योग्य है.
उक्त बातें भारत सरकार स्वच्छ भारत मिशन के संयुक्त सचिव बी राधा ने भुई में चल रही कचरा प्रबंधन कार्य से आमदनी करने का कार्य का निरीक्षण करने के दौरान कहीं. यह गांव के लोग महान है, जो बिल्कुल ग्रामीण क्षेत्र में एक रुपया घर घर से देकर साफ सुथरा एवं सुंदर लगने की कार्य कर रहे हैं. उन्होंने मौके पर उपस्थित डीएम डा. त्याग राजन एसएम, उप विकास आयुक्त कुंदन कुमार को नरेगा से जोड़कर और खूबसूरत ढंग से कचरा प्रबंधन विस्तार करने का आदेश दिया. उन्होंने सात निश्चय योजना के तहत हुई कार्य पहेतिया गांव का भी जायजा ली. पहेतिया में दर्जनों घर में जाकर घर घर में बने शौचालय, जल नल, पक्की गली नली का जायजा लेने के बाद काफी खुश दिखी. गांव की नली गली को देख कर गांव के लोगों को भूरि भूरी प्रशंसा खुले में की.
उन्होंने कचरा से होने वाले आमदनी एवं कचरे से बने जैविक खाद का निर्यात करने पर भी बल दिया. उन्होंने बताया कि यह सातवां राज्य का दौरा कर बिहार के पटना एवं नालंदा आये हैं. इसमें सबसे अच्छा एवं सुंदर कार्य नालंदा जिले के भुई गांव में हो रहा है. उन्होंने भारत सरकार से फंड उपलब्ध कराने की भी बात कहीं. डीएम ने कचरा प्रबंधन में कार्य कर रहे वर्करों को तीन माह की जगह 12 माह तक सरकारी फंड से मानदेय उपलब्ध कराने की बात कहे. इस अवसर पर स्वच्छता मिशन के जिला प्रेरक ऐश्वर्या, राजगीर बीडीओ राजीव रंजन, भुर्ठ पंचायत के मुखिया सुप्रिया सिन्हा, पंचायत समिति सदस्य पिंटु कुमार चंद्रवंशी, सुधीर कुमार, नवीन कुमार मांझी, ममता कुमारी, दिनेश प्रसाद सहित कई लोग मौजूद थे
