बिहारशरीफ : जिला न्यायालय के प्रथम त्वरित न्यायाधीश राम प्रताप अस्थाना ने साक्ष्य सही पाते हुए गैर इरादतन हत्या का दोषी करार करते हुए आरोपित सोसे पासवान को पांच वर्ष कठिन कारावास की सजा दी. इसके अलावा आरोपित को दस हजार रुपये जुर्माना भी अदा करना होगा. जुर्माना की राशि अदा न करने पर दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. इस मामले के एक अन्य आरोपित 71 वर्षीय वृजनंदन रविदास को साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया गया.
सत्र परिवाद संख्या 450/93 के विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष से एपीपी अजय कुमार रस्तोगी ने बहस व नौ साक्षियों का परीक्षण किया था. न्याय पाने के लिए पीड़ित को 24 वर्षों तक इंतजार करना पड़ा. प्राथमिकी के अनुसार पीड़ित अपने घर में था. घटना के दिन दस मई 1993 को अशोक, वृक्ष, रतन और सोसे गाली दे रहे थे. जिसका सूचक ने विरोध किया तब ये सभी झगड़ा करने पर उतारू हो गये. पीड़ित इन्हीं को समझाने गया तो सभी आरोपियों ने उस पर ईंट पत्थर से प्रहार किया. जिससे उसके पेट में चोट लगी और वह गिर पड़ा.
