बिहारशरीफ : जिले में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीइटी) के लिए ऑनलाइन आवेदन भरने की प्रक्रिया आठ अप्रैल से शुरू हो गयी है. बड़ी संख्या में शिक्षक अभ्यर्थी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने में जुट गये हैं. शिक्षक अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन में कुछ तकनीकी समस्याओं के कारण हर रोज परेशान होना पड़ रहा है.
विशेषरूप से प्रारंभिक विद्यालयों में शिक्षक नियुक्ति की योग्यता डीएलएड धारकों के लिए आवेदन में सिर्फ एक पेपर भरने का विकल्प दिया जा रहा है. सेकेंड पेपर यानि छह से आठ तक के टीइटी फॉर्म भरने का विकल्प नहीं दिया जा रहा है. इससे डीएलएड योग्यताधारी शिक्षक अभ्यर्थियों का आवेदन जमा नहीं हो रहा है. सैकड़ों ऐसे अभ्यर्थी हर रोज साइबर कैफे के चक्कर लगा रहे हैं. वेब साइड पर अंकित पांच से छह मोबाइल नंबर पर भी नियमित फोन कर रहे हैं, लेकिन वेबसाइट पर अंकित हेल्प नंबर भी आवेदकों के परेशानी दूर करने में मदद नहीं कर रहा है. हेल्प नंबर पर फोन करने पर जवाब आता है कि कभी यह नंबर मौजूद नहीं है, कभी कवरेज एरिया से बाहर या बंद है या यह नंबर अभी व्यस्त है.
कई डीएलएड योग्यताधारी अभ्यर्थियों ने बताया कि 25 अप्रैल तक ही आवेदन करने की अंतिम तिथि है. यदि जल्दी सुधार नहीं किया गया तो डीएलएड अभ्यर्थी पात्रता परीक्षा में बैठने से वंचित हो जायेंगे. वर्तमान में ऑनलाइन आवेदन का बेवसाइड खोलने पर पांच विकल्प आते हैं, जिनमें एक वर्षीय बीएड, चार वर्षीय बीएलएड, स्पेशल एजुकेशन का एक वर्षीय बीएड, चार वर्षीय बीए, बीएससी एजुकेशन तथा दो वर्षीय बीएड का विकल्प नजर आता है. इनमें से किसी एक पर अभ्यर्थियों को क्लिक करना होता है. डीएलएड (दो वर्षीय डिप्लोमा एल्युमेंट्री एज्युकेशन) पाठ्यक्रम का कोई विकल्प ही नहीं है. इस संबंध में अभ्यर्थियों ने बताया कि सूबे के प्रत्येक जिले में एक-एक सरकारी तथा कई निजी संस्थानों में डीएलएड की पढ़ाई की व्यवस्था है.
इनकी नियुक्ति सरकार के प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में की जाती है. वर्तमान में सैकड़ों डीएलएड योग्यताधारी अभ्यर्थी टीइटी परीक्षा में शामिल होने के लिए ऑनलाइन आवेदन भरने के लिए भटक रहे हैं. यदि समय रहते बेबसाइट के विकल्पों में सुधार नहीं किया गया तो ऐसे सैकड़ों डीएलएड योग्यताधारी अभ्यर्थी का आवेदन फॉर्म ही नहीं जमा हो सकेगा. इससे अभ्यर्थियों को अपना भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है.
