पहाड़ पर किया वाटर शेड ट्रीटमेंट

पहल. घोड़ाकटाेरा की पंच पहाड़ियों को दिया जा रहा नया लुक बिहारशरीफ. बिहार के अति रमणीय स्थलों में से एक धोड़ाकटोरा को और रमणीय स्थल बनाने का काम किया जा रहा है. पंच पहाड़ियों के बीच घिरा इस खुबसूरत स्थल को बिहार का कश्मीर कहा जा सकता है. राजगीर से चार से पांच किलोमीटर दूर […]

पहल. घोड़ाकटाेरा की पंच पहाड़ियों को दिया जा रहा नया लुक
बिहारशरीफ. बिहार के अति रमणीय स्थलों में से एक धोड़ाकटोरा को और रमणीय स्थल बनाने का काम किया जा रहा है. पंच पहाड़ियों के बीच घिरा इस खुबसूरत स्थल को बिहार का कश्मीर कहा जा सकता है. राजगीर से चार से पांच किलोमीटर दूर स्थित धोड़ाकटोरा.
हालांकि इस स्थल को खुबसूरत बनाने में कई विभाग जुटा है. इसमें पर्यटन विभाग, जलपथ व वन विभाग. वन विभाग द्वारा वाटर शेड ट्रीटमेंट काम किया गया है. इसके तहत सभी पंच पहाड़ियों पर वर्षा के जल के बहाव को रोकने व कम करने के लिए कई काम किया गया है. पहाड़ को खुबसुरत व हरा भरा रखने के लिए पौधारोपण किया गया है.
पंच पहाड़ियों को किया गया और हरा-भरा:
धोड़ाकटोरा पंच पहाड़ियों से घिरा है. जिसमें रत्नागिरी,उदयगिरी, सोनगिरी, वैभवगिरी व बिपुलागिरी प्रमुख है. अक्सर बारिश होने पर पानी बह जाता है. वर्षा के जल को रोकने के लिए बोगनबिगया,अजैब, नीम, चकमुद्री, बैकून, सागबान, अमलतास के पौधे लगाये गये हैं. साथ ही, कटाव को रोकने के लिए कटीले तार से घेराबंदी भी किया गया है. बारिश होने पर बारिश का पानी पौधा से होते हुए नीचे स्थित झील में जमा होगा. वाटर ट्रीटमेंट की खासियत यह है कि पानी को स्वत: शुद्ध करने की क्षमता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >