नहरों में किया गया ले आउट
जिले के दस स्थानों पर पहले चरण में चेक डैम बनाने के लिए जगह का चयन किया गया है. बरसात के पानी को संरक्षित करने में चेक डैम उपयोगी होगा़इस योजना को मिशन मोड में धरातल पर उतारा जायेगा. जिले के नदी, आहर व नहरों का सर्वे कराकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कराया जा रहा है.
बिहारशरीफ. बाढ़ व सुखाड़ से राहत दिलाये जाने के लिए बहु उपयोगी योजना चेक डैम पर काम शुरू कर दिया गया है. ग्रामीीण विकास विभाग के द्वारा बिहारशरीफ के नकटपुरा गांव व अस्थावं प्रखंड के आंदा में ले आउट का काम शुरू कर दिया गया है. ग्रामीण विकास अभिकरण के सहायक अभियंता व उनकी टीम के सदस्यों के द्वारा दो स्थानों पर ले आउट कर दिया गया है. वैसे जिले के दस स्थानों पर पहले चरण में चेक डैम बनाने के लिए जगह का चयन किया गया है.
पंाच से दस लाख रुपये तक किये जायेंगे व्यय:ड्रीम प्रोजेक्ट पर मनरेगा से पांच से दस लाख रुपये व्यय किये जायेंगे. जिले की नदियों से जुड़ी नहरों में चेक डैम बनाने की योजना है. चेक की लंबाई 50 से 60 फुट बनाने का लक्ष्य है.
फसलों के लिए होगा राम बाण:
चेक डैम खेती के लिए वरदान साबित हो सकते है. सुखे से राहत दिलाये जाने व बरसात के पानी को संरक्षित करने में चेक डैम उपयोगी होगा. ग्रामीण विकास विभाग द्वारा योजना का प्लान तैयार किया गया है. इस योजना को मिशन मोड में धरातल पर उतारा जायेगा. जिला विकास अभिकरण के इंजीनियरों से जिले के नदी, आहर व नहरों का सर्वे कराकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कराया जा रहा है.
मिशन मोड में कराये जायेंगे काम:
जिले में जल संरक्षण के लिए चेक डैम की योजना डीडीसी कुंदन कुमार की सोच है. वे बताते हैं कि मिशन मोड में जिले में कार्य कराये जायेंगे. योजना बहुउपयोगी होने के साथ ही यह हर तरह से फायदेमंद होगा.
हल्की बारिश में जिले की नदियों में जहां उफान आने से फसलों को नुकसान उठाना पड़ता है. वहीं नदी के पानी ठहराव नहीं होने से सुखाड़ का सामना लोगों को करना पड़ता है. नदी आहरों व नहरों के सुख जाने से फसल भी नष्ट हो जाती है.
