राजगीर : भगवान बुद्ध के प्रिय स्थल वेणुवन में सोमवार को सातवें विश्व माघ पूजा में थाईलैंड के बौद्ध भिक्षु आर्यवंग्सो के सान्निध्य में मनाया गया. इस पावन अवसर पर थाईलैंड की राजकुमारी ब्रजकृति आभा ने वेणुवन में स्थापित भगवान बुद्ध की प्रतिमा के पास पूजा-अर्चना की.
उन्होंने कहा कि वेणुवन भगवान बुद्ध का प्रिय स्थल रहा है. राजा बिम्बिसार ने भगवान बुद्ध को यह बागीचा दान में दिया था. वेणुवन को बांस का जंगल भी कहा जाता है. यह धम्म व विनय स्थल है. वहीं माघ पूर्णिमा के मौके पर विश्व माघ पूजा का आयोजन काफी सराहनीय है. आगे यह और भी विकसित हो और यह पहले की तरह ही विनय व धम्म स्थल के रूप में जाना जाय.
ग्रामीण विकास सह संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार में अतिथियों को देवता के समान पूजने की परंपरा रही है. बुद्ध के रास्ते पर चल कर ही करूणा, मैत्री, प्रेम व भाईचारे को आगे बढ़ाया जा सकता है. सूबे की सरकार बौद्ध सर्किटों का विकास कर रही है. उन्होंने कहा कि इसी वेणुवन में भगवान बुद्ध ने पांच बार वर्षावास किया था. यह उनका सबसे प्रिय स्थल रहा था.
भिक्षु आर्यवंग्सो के सहयोग व प्रेरणा से यहां पर विश्व माघ पूजा हो रही है. महाराष्ट्र के सांसद सुनील गायकवाड़ ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक पर्व है. यहां पर बुद्ध आये थे और उन्होंने मानव को शांति का पाठ पढ़ाया था. बौद्ध भिक्षु आर्यवंग्सो ने कहा कि बुद्ध बताये पंचशील सिद्धांत को अपना कर जीवन को सफल बनाया जा सकता है. वेणु वन का काफी महत्व है.
संयोजक डॉ. जार्दन उपाध्याय ने बताया कि आज का दिन बौद्ध साहित्य में काफी महत्वपूर्ण स्थान रखता है. इसमें थाईलैंड व भारत के विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों भिक्षुओं ने भाग लिया. इस मौके पर थाईलैंड के राजदूत चतिल मानित याकूब, सांसद सुनील गायकवाड़, रोजना वानचुक, सुरापौल, डॉ. यू पनिया लिंकारा, डीएफओ रणवीर सिंह, डीडीसी कुंदन कुमार, एसडीओ लाल ज्योति नाथ शाहदेव, डीसीएलआर प्रभात कुमार, अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी राजीव रंजन कुमार, बीडीओ आनंद मोहन, कार्यक्रम के संयोजक डॉ. जनार्दन उपाध्याय, सर्वजीत उपासक, मुन्ना कुमार, मीरा कुमारी, जीतू उपाध्याय सहित अन्य मौजूद थे. वहीं दूसरी ओर थाईलैंड की राजकुमारी ब्रजकृति आभा गृढ़कूट पर्वत पर पूजा-अर्चना की.
