मध्य विद्यालय, अमावां में एमडीएम में गड़बड़ी के साथ-साथ बदतमीजी का आरोप
बिहारशरीफ/अस्थावां : अस्थावां प्रखंड के मध्य विद्यालय अमावां के विद्यार्थियों ने शुक्रवार को भी प्रधानाध्यापक के खिलाफ जम कर हंगामा किया. मामला यहां तक बढ़ गया कि छात्र-छात्राओं के अपने ही प्रधानाध्यापक को विद्यालय के कमरे में घंटों बंद रखा. इस दौरान विद्यार्थियों के आक्रोश को देखते हुए विद्यालय के अन्य शिक्षक भी मूक दर्शक बने रहे.
बाद में खबर ग्रामीणों को मिली तथा ग्रामीणों द्वारा ही प्रधानाध्यापक युगेश्वर चौधरी को ताला खोल कर बाहर निकाला गया. विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा गुरुवार को भी प्रधानाध्यापक के खिलाफ जमकर हंगामा किया गया था. विद्यालय के अष्टम वर्ग के छात्र विकास कुमार, नीरज कुमार,मनीष कुमार सहित दर्जनों छात्राएं ज्योति कुमारी, पुष्पा कुमारी, रीना कुमारी, रुनी कुमारी, सोनम कुमारी, सुमन कुमारी आदि ने बताया कि प्रधानाध्यापक द्वारा हर कार्य में मनमानी की जाती है. विद्यालय में कभी कभार ही एमडीएम पकाया जाता है. वर्ग सातवें व आठवें के छात्र छात्राओं को तो एमडीएम चखने के लिए भी नहीं मिलता है. विद्यार्थियों ने कहा कि मध्याह्न भोजन एक मो मेनू के अनुसार नहीं बनता है.
उसपर भी पानी जैसी दाल सब्जियां खाने से अन्य वर्गों के विद्यार्थी भी परहेज करते हैं. उन्होंने कहा कि चापाकल पर बिखरी गंदगी के कारण बच्चे पानी तक पीना नहीं चाहते हैं. विद्यालय का शौचालय भी गंदगी के कारण इस्तेमाल योग्य नहीं है. ब्लैक बोर्ड का पेंट उखड़ जाने के कारण उस पर लिखी गयी बातें पढ़ी नहीं जा सकती है.
बदसलूकी करते हैं एचएम:
विद्यालय के छात्र छात्राओं ने प्रधानाध्यापक पर गाली गलौज करने का आरोप लगाते हुए विद्यालय में जमकर हंमागा किया. उन्होंने बताया कि किसी भी मुद्दे पर बात करने अथवा पूछने पर प्रधानाध्यापक इतना भड़क उठते हैं कि गाली गलौज तक कर डालते हैं. इससे विद्यालय के सैकड़ों छात्र छात्राएं इतना क्षुब्ध हैं कि वे प्रधानाध्यापक को हटाये जाने की मांग कर रहे हैं. विद्यार्थियों ने यहां तक कहा कि यदि उनकी बातें पर जिला प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं दिया गया तो वे बेनार सकसोहरा मुख्य मार्ग को जाम करेंगे.
प्रधानाध्यापक पर कई आरोप:
विद्यालय में 11 शिक्षकों की मौजूदगी के बावजूद नियमित पढ़ाई नहीं होने, एमडीएम योजना में गड़बड़ी करने, पूजा के चंदा में विद्यालय का चावल दे देने सहित गाली गलौज करने आदि के गंभीर आरोप विद्यार्थियों द्वारा लगाये जा रहे हैं. विद्यालय में गुरुवार को एमडीएम का भोजन नहीं पकाया गया था. इसी परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 139 में भी स्थिति इसी तरह की दिखी.
क्या कहते हैं प्रधानाध्यापक
विद्यालय में 582 बच्चे नामांकित हैं. ऐसे में खाने पीने से चापाकल पर गंदगी होती है. बच्चों के आरोप गलत है.
क्या कहते हैं अधिकारी
लगाये जा रहे आरोपों की जांच के लिए टीम बनायी जायेगी. जांच रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जायेगी.
योगेश चंद्र सिंह, जिला शिक्षा पदाधिकारी, नालंदा
