बिहारशरीफ : बिहार टेक्सटाइल चैंबर ऑफ कॉमर्स के आह्वान पर शुक्रवार को जिले भर की कपड़ा दुकानें बंद रही. कपड़ा व्यवसायी संघ के सचिव शैलेंद्र कुमार ने बताया कि बिहार सरकार द्वारा कपड़ा जैसी मूलभूत आवश्यकता को भी टैक्स के घेरे में ला दिया गया है. मनुष्य की तीन प्रमुख आवश्यकताओं, भोजन, वस्त्र और आवास में से कपड़ा सर्वप्रमुख जरूरत है.
इससे सूबे के आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा, जो बिल्कुल गलत है. उन्होंने कहा कि देश के किसी भी राज्य में अब तक कपड़े पर टैक्स नहीं लगाया गया है. बिहार अकेला ऐसा राज्य है जहां लोगों के पहनावे पर भी टैक्स देना पड़ेगा.
सचिव श्री कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार के विकास के सारे दावों की पोल खुल रही है. सरकार अब लोगों को ढंग से कपड़े भी पहनने नहीं देगी. सरकार द्वारा कपड़े पर टैक्स लगाये जाने के विरोध में जिले भर की कपड़े की दुकानें लगातार तीन दिनों तक बंद रखी जायेगी. उन्होंने कहा कि जब तक सरकार कपड़े पर से टैक्स नहीं हटाती है तब तक व्यवसायियों का आंदोजन जारी रहेगा.
