बिहारशरीफ/राजगीर : यूनिवर्सिटी ऑफ नालंदा के निर्माण कार्यों में तेजी लाने व पठन-पाठन सुचारू करने के मुद्दे पर विचार विमर्श के लिए गवर्निंग बोर्ड की बैठक शनिवार को होगी. इसके लिए यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति जार्ज इयो व पूर्व कुलाधिपति प्रसिद्ध अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन भी गुरुवार को ही राजगीर पहुंच चुके हैं. गवर्निंग बोर्ड के अन्य सदस्यों को राजगीर आना जारी है.
यूनिवर्सिटी के चांसलर जार्ज इयो करीब एक सप्ताह पूर्व से यहां डेरा डाले हुए हैं. सभी अधिकारी विश्वविद्यालय की कुलपति डाॅ गोपा सबरवाल से विचार-विमर्श करने के साथ ही निर्माण में शामिल कंस्लटेंटी से आगे की रणनीति पर चर्चा करने में मशगूल हैं. शनिवार को राजगीर के इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर के सभागार में यूनिवर्सिटी के गवर्निंग बोर्ड की बैठक होगी.
बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करने का कार्यक्रम है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दोबारा सत्ता में आने के बाद पिछले दिनों राजगीर प्रवास के क्रम में यूनिवर्सिटी की कुलपति डाॅ गोपा सबरवाल से मुलाकात में निर्माण कार्य व पठन पाठन के कार्यों में तेजी लाने की अपील की थी. उस वक्त मुख्यमंत्री ने हर स्तर पर सहयोग के लिए राज्य सरकार की मदद का आश्वासन दिया था. मुख्यमंत्री ने हर कीमत पर निर्माण कार्य को समय सीमा में पूरा करने की बात कही थी. सीएम के इस अनुरोध के बाद यूनिवर्सिटी के गवर्निंग बोर्ड की बैठक हो रही है.
2005 में तत्कालीन राष्ट्रपति एजीजे अब्दुल कलाम ने इस विश्वविद्यालय को अस्तित्व में लाने का विचार रखा था. यूनिवर्सिटी के पहले कुलाधिपति प्रसिद्ध अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन को बनाया गया था. फिलहाल नालंदा यूनिवर्सिटी में दो विषयों की पढ़ाई शुरू है.
अन्य विषयों में भी पढ़ाई की जानी है. इन सब बातों के मद्देनजर यूनिवर्सिटी गवर्निंग बोर्ड की शनिवार को होने वाली बैठक को अहम माना जा रहा है. इस संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए कुलपति डा. गोपा सबरवाल से संपर्क करने की कई बार कोशिश की गयी. मगर उनके व्यस्त रहने के कारण बात नहीं हो पायी.
