बिहारशरीफ : जमीन की एक बड़ी रकम हड़पने को लेकर वारदात की झूठी स्क्रप्टि लिखी गयी.घटनास्थल के समीप से मिले दो सीसीटीवी फुटेज में पुलिस की नजर अपराधियों पर नहीं पड़ी. नालंदा पुलिस ने एलआइसी एजेंट से गुरुवार को हुई 19 लाख की लूट की घटना पर संदेह की मुहर लगा दिया है.
पुलिस का मानना है कि यह घटना जमीन से संबंधित एक बड़ी राशि के लेन-देन से जुड़ा है. नालंदा के पुलिस अधीक्षक विवेकानंद ने टेलीफोन पर बताया कि जिस व्यक्ति ने अपने साथ लूट की बात पुलिस को बतायी गयी है,सही में वह एक दूसरे व्यक्ति से जमीन के नाम पर 19.42 लाख रुपये ले रखा है. गुरुवार को वह राशि लौटाने की बात कहा था.शुक्रवार को पुलिस ने उस व्यक्ति से भी संपर्क साधा जिसके रुपये एलआइसी एजेंट जमीन के बदले ले रखा था. एसपी ने बताया कि पूरे मामले की जांच सदर एसडीपीओ कर रहे हैं.
निकट भविष्य में घटना से संबंधित सही रहस्यों से परदा उठ जायेगा.पीडि़त के बयान पर पुलिस ने कांड दर्ज कर लिया है,लूट की सच्चाई क्या है,इसकी जानकारी को लेकर पुलिस तेजी से अपना काम कर रही है. हालिया अनुसंधान में यह पूरा मामला संदेहास्पद प्रतीत होता है,बावजूद इसके पुलिस इस घटना पर कई बिंदुओं को प्राथमिकता के आधार पर खंगाल रही है,अगर लूट की घटना सही है तो इसका खुलासा भी निकट भविष्य में कर दिया जायेगा.
वहीं दूसरी तरह पीड़ित एलआइसी एजेंट ने घटना के बाद पत्रकारों को बताया था कि घटना को अंजाम देने वाले सभी अपराधी दो बाइक पर सवार थे,जिनके द्वारा कमरूद्दीनगंज स्थित पुरानी पोस्ट ऑफिस के पास से हथियार का भय दिखा कर बैग में रखे 19 लाख रुपये लूट लिये,अपराधियों द्वारा उनकी बाइक की चाबी भी छीन ली थी,हालांकि घटना पर तत्काल संदेह की मुहर लगा देना पुलिस की जल्दबाजी कही जा सकती है.
कहीं ऐसा तो नहीं कि कोई सभी बातों की जानकारी रख बीच से फायदा उठा कर चलता बना.मामला जो भी हो,पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामला साफ हो जायेगा. यहां बता दें कि पुलिस आज तक केनरा बैंक लूटकांड से संबंधित एक भी अपराधी को पकड़ने में नाकाम रही है,लूट की रकम भी पुलिस के हाथ नहीं आया.
