छह कर्मियों के वेतन कटे

एक डॉक्टर पाये गये लंबी छुट्टी पर बिहारशरीफ : औचक निरीक्षण में अनुपस्थित पाये गये छह स्वास्थ्य कर्मियों के एक दिन के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गयी है. सिविल सर्जन ने निरीक्षण के दौरान नूरसराय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के एक चिकित्सक को लंबी छुट्टी पर भी पाया. अनुपस्थित कर्मियों में एक एएनएम भी […]

एक डॉक्टर पाये गये लंबी छुट्टी पर

बिहारशरीफ : औचक निरीक्षण में अनुपस्थित पाये गये छह स्वास्थ्य कर्मियों के एक दिन के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गयी है. सिविल सर्जन ने निरीक्षण के दौरान नूरसराय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के एक चिकित्सक को लंबी छुट्टी पर भी पाया. अनुपस्थित कर्मियों में एक एएनएम भी शामिल है. इन स्वास्थ्य कर्मियों से जवाब-तलब भी किया गया है. कर्मियों को जवाब-तलब भी किया गया है.
कर्मियों को चेतावनी दी गयी है कि अगर स्पष्टीकरण का जवाब संतोषप्रद नहीं पाया गया तो अग्रतर कार्रवाई भी की जायेगी. सिविल सर्जन डॉ सुबोध प्रसाद सिंह ने 13 जनवरी की संध्या चार बजे नूरसराय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान एक एएनएम,चार ममता कर्मी एवं एक जीप चालक अनुपस्थित थे. एएनएम सुषमा कुमारी उपस्थिति पंजी पर अपनी उपस्थिति बनायी हुई थी. लेकिन निरीक्षण के दौरान वे ड्यूटी से अनुपस्थित पायी गयी. इस मामले को सिविल सर्जन डॉ. सिंह ने गंभीरता से लिया
संस्थागत प्रसव में वृद्धि लाने का प्रभारी को टास्क :
सिविल सर्जन ने निरीक्षण के दौरान नूरसराय अस्पताल में संस्थागत प्रसव को संतोषजनक नहीं पाया. उन्होंने अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को संस्थागत प्रसव की संख्या में वृद्धि लाने की कड़ी हिदायत दी. उन्होंने कहा कि प्रसव की पर्याप्त व्यवस्था रहने के बावजूद संस्थागत प्रसव संतोषप्रद नहीं होकर नहीं पाया. उन्होंने अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी संस्थागत प्रसव की संख्या में वृद्धि लाने की कड़ी हिदायत दी. उन्होंने कहा कि प्रसव की पर्याप्त व्यवस्था रहने के बावजूद संस्थागत प्रसव संतोषप्रद नहीं होकर खेद की बात है.
इसलिए हर हाल में इसकी उपलब्धि को बढ़ाये. संस्थागत प्रसव से मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी आती है. अस्पताल में सरकार की ओर से उत्तम प्रसव की व्यवस्था की गयी है. प्रसूता को सरकार की योजना के मुताबिक राशि भी उपलब्ध करायी जाती है. दिसंबर माह में संस्थागत प्रसव की संख्या 199 पायी गयी.
आरबीएस कर्मियों का मानदेय अपडेट नहीं :
सिविल सर्जन डॉ सिंह के जांच के दौरान आरबीएस कर्मियों के मानदेय भुगतान लंबित पाया गया. जांच के क्रम में सितंबर 2015 तक ही कर्मियों का मानदेय भुगतान पाया. उन्होंने इस मामले को और भी गंभीरता पूर्वक लिया. पूछे जाने पर प्रभारी ने सिविल सर्जन को बताया कि प्रमाण पत्र का सत्यापन नहीं होने के कारण भुगतान लंबित है. सिविल सर्जन ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को सख्त निर्देश दिया कि आरबीएस का भुगतान शीघ्र करें. इसमें लापरवाही नहीं बरतें. उन्होंने एंबुलेंस परिचालन सही ढंग से करने को कहा. फैमिली प्लानिंग की उपलब्धि और बेहतर करने की हिदायत दी. नवंबर माह में बंध्याकरण की उपलब्धि अच्छी पायी गयी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >