40 लाख से अधिक का नुकसान
घटना की सूचना पर विधायक से लेकर अधिकारी तक पहुंचे मौके पर
चंडी : थाना क्षेत्र के नरसंडा में भीषण अगलगी में खलिहान में रखे 14 किसानों के धान के पुंज जल कर स्वाहा हो गया. इस घटना में किसानों के करीब 40 लाख रुपये की धान की फसल जल गयी. ग्रामीणों और अग्निशमन वाहन ने आग पर काबू पाया. तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था. स्थानीय थाना क्षेत्र के नरसंडा में खलिहान में रखे कई पुंज में अचानक आग लग गयी.
गांव वालों को जब तक इसकी भनक लगती आस पास के पिंज भी आग की चपेट में आ गया. इसमें 14 किसानों के खलिहान में रखे धान के पुंज देखते ही देखते जल कर स्वाहा हो गयी़ ग्रामीण आग की लपट देख आग बुझाने में पीछे हट गये. अग्निशमन वाहन सूचना पाकर नरसंडा पहुंची तब तक बहुत देर हो चुकी है.
किसानों की फसल उनके आंख के सामने राख की ढेर में तब्दील हो गया. इस अगलगी मेें नरसंडा गांव के राम अनुग्रह सिंह के चार एकड़ 72 डिसमिल, सत्येन्द्र कुमार के सात एकड़, ब्रहमदेव यादव के तीन विघा, अजय यादव के साढ़े सात विघा, मधुकर के सात विघा, नीरेश कुमार के छह विघा, वासुदेव कुमार के 15 विघा, प्यारे पासवान के एक एकड़, संतोष कुमार दिवाकर के पांच विघा, रामदेव सिंह एक एकड़ 74 डिसमिल, जगत नारायण, सिद्धेश्वर प्रसाद के चार एकड़, अजय कुमार के तीन एकड़ और नवीन सिंह के पौने तीन एकड़ की धान की फसल जल गई.
ग्रामीणों के अनुसार लगभग पांच लाख की क्षति का अनुमान बताया जा रहा है. घटना की सूचना पाकर हरनौत विधायक हरि नारायण सिंह, हिलसा एसडीओ अजीत कुमार सिंह, डीएसपी प्रवेन्द्र भारती, सीओ राजीव रंजन, थानाध्यक्ष धर्मेन्द्र कुमार घटनास्थल पर पहुंच कर क्षति का आंकलन किया.
विधायक हरि नारायण सिंह पीडि़त किसानों से भी मिले और हर संभव मुआवजा दिलाने का आश्वान दिया. सीओ ने बताया कि सिंचित भूति के किसानों को प्रति हेक्टेयर 6800 रुपये मुआवजे का प्रावधान है. प्रखंड के कई पैक्स में धान खरीद नहीं शुरू होने के कारण अधिकांश किसानों की फसल खलिहान में पड़े हैं.
