बिहारशरीफ. ढोल ताशे, बैंड बाजे और शहनाइयों की गूंज के साथ मकर संक्रांति के बाद 15 जनवरी से एक बार फिर से विवाह मुहूर्त शुरू हो जायेगा. डीजे की धुन पर थिरकते बराती व दूल्हे की सजी हुई लग्जरी गाड़ी फिर से दिखनी शुरू हो जायेगी. अगर आप अपनी बेटी-बेटों की शादी फिक्स करने जा रहे हैं तो इस बार शुभ मुहूर्त की कोई कमी नहीं है.
ऐसे में आप अपने हिसाब से उचित महीना व दिन देख कर अपने बच्चे की कुंडली के अनुसार विवाह की शुभ तारीख तय कर सकते हैं. सूर्य के बृहस्पति की धनु राशि में गोचर होने से 15 दिसंबर 2015 से 14 जनवरी 2016 तक खरमास है. खरमास में मांगलिक कार्य वर्जित माना गया है. खरमास खत्म होते ही 15 जनवरी से विवाह कार्य शुरू हो जायेंगे.
मई-जून में शुभ मुहूर्त नहीं
2016 में खरीदारी व विवाह के कई शुभ योग बन रहे हैं. इस साल 26 दिन पुष्प नक्षत्र के योग हैं और 2016 में पूरे साल 75 दिन के करीब शहनाइयां बजेंगी. पुष्प नक्षत्र में भवन, भूमि, वाहन, आभूषण सहित अन्य की खरीदारी करना श्रेष्ठ माना जाता है. इस वर्ष विवाह का सबसे अधिक नवंबर में 13 दिन व सबसे कम सितंबर तीन दिन शहनाइयां बजेंगी. इस वर्ष मई-जून में कोई भी विवाह के शुभ मुहूर्त नहीं है. क्योंकि 28 अप्रैल से 09 जुलाई तक शुक्र अस्त व देव सोने के कारण विवाह नहीं होंगे.
विवाह के लिए नक्षत्र विचार
विवाह के लिए रोहिणी, भृगशीर्ष, मद्या, हस्त, उत्तर फल्गुनी, उतराषाड़ा और उतरा भाद्र नक्षत्र शुभ माना जाता है. अश्विनी, चित्र, श्रवण व घनिष्ठा को शुभ माना जाता है.
” 2016 में शुभ मुहूर्त के संबंध में ज्योतिषार्चों में काफी मतभेद हैं. इस वर्ष कोई 86, कोई 75 तो कोई 41 शुभ मुहूर्त बताते हैं. इतना तय है कि इस वर्ष शादी के शुभ मुहूर्त काफी है. 15 जनवरी से शुरू मुहूर्त शुरू हो जायेगा. इस वर्ष मई जून में विवाह के कोई शुभ मुहूर्त नहीं हैं.”
पंडित श्रीकांत शर्मा, ज्योतिषार्य, बिहारशरीफ
इन दिनों में विवाह के शुभ योग नहीं :
– 14 जनवरी 2016 तक होलाष्टक होने के कारण मांगलिक कार्य निषेध माना गया है.
– 14 मार्च 2016 से 13 अप्रैल 2016 तक सूर्य मीन राशि में रहेगा, इसलिए शुभ कार्य के लिए ठीक नहीं है.
– 20 अप्रैल से 12 जुलाई 2016 तक शुक्र वार्धक्य योग है.
– सात सितंबर से 10 अक्तूबर तक बाल दोष है.
