अपराधियों को फर्जी सिम कार्ड बेचनेवाले गिरोह का खुलासा
बिहारशरीफ : नालंदा पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है,जो कुख्यात अपराधियों के लिए फर्जी सिम कार्ड तैयार करने के धंधे से जुड़ा था.ऐसे सिम कार्ड से अपराधी बड़े रंगदारी मांगने सहित दूसरे आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने में प्रयोग किया करते थे.पुलिस ने फिलहाल गिरोह के तीन शातिर युवकों को गिरफ्तार किया […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
बिहारशरीफ : नालंदा पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है,जो कुख्यात अपराधियों के लिए फर्जी सिम कार्ड तैयार करने के धंधे से जुड़ा था.ऐसे सिम कार्ड से अपराधी बड़े रंगदारी मांगने सहित दूसरे आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने में प्रयोग किया करते थे.पुलिस ने फिलहाल गिरोह के तीन शातिर युवकों को गिरफ्तार किया है,
जबकि गिरोह में शामिल अन्य युवकों की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी जारी है.पुलिस को विश्वास है कि गिरोह के दूसरे युवकों की गिरफ्तारी के बाद अपराध जगत से जुड़ी कई सनसनीखेज बातों की जानकारी सामने आयेगी.पुलिस ने इस मामले में शहर के कमरूद्दीन गंज मुहल्ले से रंजीत व रवि नामक दो युवकों को पकड़ा है,जबकि तीसरी गिरफ्तारी शहर के गढ़पर से बिट्टू नामक युवक की गयी है.
कैसे आये पुलिस की पकड़ में,पूरा मामला
इसी माह की 18 तारीख को एक सरकारी पदाधिकारी के मोबाइल फोन दस लाख रुपये रंगदारी मांगी गयी,नहीं देने पर जान से मारने तक की धमकियां भी दी गयी.पीडि़त ने इस संबंध में नगर थाने में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया.नगर इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि जिस सिम कार्ड का प्रयोग रंगदारी को लेकर किया गया था,
पुलिस ने उस नंबर को ट्रेस किया तो वह नंबर शहर के सोहसराय थाना क्षेत्र के पटेल नगर निवासी एक छात्र का निकला.पुलिस ने जब उस छात्र से इस संबंध में जानकारी ली तो छात्र ने बताया कि दो माह पूर्व उसने गढ़पर स्थित एक कंप्यूटर की दुकान से इपिक नंबर के आधार पर अपना नया आइकार्ड बनाया था.वह दुकान बिट्टू नामक युवक की थी.पुलिस ने जब बिट्टू को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो सच्चाई सामने आने लगी़