बिहारशरीफ : कानून का पालन करना और उसे क्रियान्वयन करना अलग-अलग बात है. दूसरे पर कार्रवाई करनेवाले जिले के कई अफसर कानून का पालन नहीं कर रहे हैं. जिला प्रशासन से लेकर प्रखंड कार्यालय के अधिकारी को सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं की जांच की जिम्मेवारी दी जाती है. जांच में नियमों का पालन […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
बिहारशरीफ : कानून का पालन करना और उसे क्रियान्वयन करना अलग-अलग बात है. दूसरे पर कार्रवाई करनेवाले जिले के कई अफसर कानून का पालन नहीं कर रहे हैं. जिला प्रशासन से लेकर प्रखंड कार्यालय के अधिकारी को सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं की जांच की जिम्मेवारी दी जाती है.
जांच में नियमों का पालन नहीं करने का हवाला देकर कार्रवाई भी कर रहे हैं. कार्रवाई करनेवाले आला अधिकारी ही कानून का पालन नहीं कर रहे हैं. दर्जनों अफसरों द्वारा भाड़े का वाहन इस्तेमाल किया जा रहा है.
इन वाहनों में नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है. अफसरों द्वारा नन कॉर्मिशयल वाहनों का प्रयोग किया जा रहा है. जबकि, वाहनों के एवज में हर महीने 20 से 22 हजार प्रतिमाह भुगतान किया जाता है. इन दिनों नये-नये वाहन बोलेरो, स्काॅर्पियो का इस्तेमाल सरकारी कार्यालयों में धड़ल्ले से किया जा रहा है.
बारह दिन में नौ लाख रुपये का जुर्माना : जिले में इन दिनों वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है. खास कर दोपहिया वाहनों की सघन जांच की जा रही है.
12 दिनों में 497 बाइकों से नौ लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है. डीटीओ शैलेंद्रनाथ ने बताया कि परिवहन नियमों का पालन करना सभी का दायित्व है.