बिहारशरीफ : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गांव कल्याण बिगहा का पूरी तरह से कायाकल्प हो चुका है. अब उनके ससुराल का भाग्योदय होने वाला है. मुख्यमंत्री के ससुराल सेवदह गांव को भी शहर जैसा लुक मिलने वाला है. रविवार को इसका श्रीगणेश भी हो चुका. मुख्यमंत्री के एक आदेश पर फौरन आनन-फानन में कई आलाधिकारी उनके ससुराल की ओर रूख किये.
कई प्रोजेक्ट भी बन गये. अब तक मुख्यमंत्री के गांव कल्याण बिगहा ही राष्ट्र स्तर पर सुर्खियों में था, लेकिन अब उनके ससुराल सेवदह गांव को भी लोग जानने लगेंगे. आज कल्याण बिगहा में शहर से भी ज्यादा सुविधा है. यहां पावर सब स्टेशन से लेकर शूटिंग रेंज,आइटीआइ,राजकीय औषधालय,बैंक,अस्पताल,प्लस टू स्कूल जैसे कई अन्य संस्थान यहां पर काम कर रहे हैं.
इस गांव की सड़क तो हाइवे की तरह है और सड़क के दोनों ओर हरियाली छायी हुई है. जिला तो क्या सूबे का पहला ऐसा गांव है कल्याण बिगहा, जहां इतनी सुविधाएं आज महज आठ वर्षों में हो गयी है. उनका ससुराल भी कल्याण बिगहा से महज एक किलोमीटर की दूरी पर है, लेकिन मुख्यमंत्री की नजर अपने ससुराल के विकास पर कभी नहीं गयी.
इसलिए आज तक यह गांव विकास से अछूता ही रहा. रविवार को जब मुख्यमंत्री नीतीश अपने पिता की पुण्यतिथि पर कल्याण बिगहा पहुंचे तो उनके ससुराल के लोगों ने उन्हें सेवदह गांव की व्यथा सुनायी. तब मुख्यमंत्री को अपने ससुराल पर ध्यान आया. वैसे मुख्यमंत्री के बड़े भाई का भी ससुराल इसी गांव में है. फौरन आदेश हुआ कि सेवदह गांव का कायाकल्प किया जाय.
जिले के आलाधिकारी मुख्यमंत्री के ससुराल की ओर रूख किये. अधिकारियों ने वहां जाकर कई योजनाओं पर प्रस्ताव बनाया. तुरंत काम भी शुरू हो गया. आरइओ विभाग के तरफ से वहां पीसीसी सड़क के लिए तुरंत मापी की गयी. उसके बाद गांव के अन्य गलियों को पीसीसी ढलाई कर चौड़ीकरण करने और सेवदह से चेरो-बडीहा तक सड़क निर्माण करने पर काम शुरू हुआ.
सेवदह गांव के हाइस्कूल में ही मुख्यमंत्री की पत्नी स्व. मंजू कुमारी सिन्हा की शिक्षिका के रूप में पहली पोस्टिंग हुई थी और इसी स्कूल के हेडमास्टर के रूप में मुख्यमंत्री के ससुर रह चुके थे. वर्तमान में हाइस्कूल से गांव तक संपर्क पथ नहीं है, लेकिन अब यहां पर नया संपर्क पथ बनने पर आदेश जारी हो चुका है.
