बिहारशरीफ : हाजीपुर के बेलसर ओपी के प्रभारी अजीत कुमार सिंह की मौत की खबर से पूरा मुहल्ला मातमी सन्नाटे में तब्दील हो गया है. दारोगा शहर के मंगला स्थान के अपने मकान में परिवार के साथ रहते थे.
वह बेलसर ओपी प्रभारी के तौर पर कार्यरत थे. नालंदा जिले के रहुई थाना क्षेत्र का गैबी गांव उनका जन्म स्थल था. बिहारशरीफ स्थित उनके मकान में शहीद दारोगा का कोई भी परिवार अभी नहीं है. घर में ताला लगा है. घर के सभी सदस्य गांव गये हुए हैं. बुधवार की संध्या शहीद दारोगा का शव उनके मंगला स्थान स्थित घर पर हाजीपुर पुलिस द्वारा लाया गया था. स्थानीय लोगों ने बताया कि वह युवा से ही सामाजिक कार्यों में हमेशा बढ़-चढ़ कर भाग लिया करते थे.
गांव वालों को इन पर गर्व था. किरायेदार शोभा देवी ने बताया कि घटना की जानकारी टीवी से मिली थी. थानेदार की पत्नी सुनीता देवी परबलपुर पोस्ट ऑफिस में कार्यरत हैं. इनके दो बच्चे हैं. बड़ी लड़की अंशु दिल्ली में इंजीनियरिंग कर रही है, वहीं छोटा लड़का सूरज पटना में रह कर पढ़ाई करता है. ससुर बालेश्वर प्रसाद हेल्थ विभाग में कार्यरत हैं.
गौरतलब है कि मंगलवार को वैशाली जिले के लालगंज में सड़क हादसे में दादा-पोती की मौत के बाद आक्रोशित भीड़ ने वहां के थानाध्यक्ष की हत्या पीट-पीट कर दी थी.
