एकंगरसराय : छठ पर्व को लेकर क्षेत्र में फलों की बिक्री खूब हुई़ बाजार में पूजन सामग्री सहित कई दुकानों पर काफी भीड़ थी. ऐतिहासिक धार्मिक स्थल सूर्यनगरी औंगारीधाम सहित तेल्हाड़ा, उस्मानपुर, पिरोजा, धनगावां, धुरगांव, ओप, अमनार आर्य आदि सूर्य मंदिर तालाबों में छठव्रतियों ने स्नान कर खरना का प्रसाद बनाया और भगवान भाष्कर की पूजा -अर्चना कर प्रसाद को ग्रहण किया और अपने ईष्ट मित्रों को भी प्रसाद ग्रहण कराया.
छठव्रतियों ने मिट्टी के चूल्हे पर मिट्टी या पीतल के बरतन में अरवा चावल, मीठा का रसिया, अरवा चावल और चले की दाल एवं गेहूं के आटे की पूड़ी समेत कई प्रकार की सामग्री का प्रसाद आम, अरहर की लकड़ी के जलावन से बनाया. छठी मइया के गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया. राज्य समेत अन्य राज्यों के कोने-कोने से छठव्रती लोग भगवान भाष्कर को अर्घ प्रदान करने के लिए औंगारी धाम पहुंच रहे हैं. लोग तंबू गाड़ कर डेरा डाल दिये हैं.
मन्नतें पूरी होने पर पटना जिले के दीया निवासी बेदामी देवी ने बताया कि मेरा पुत्र खो गया था, तब मन्नत मांगी थी और कुछ ही दिनों के बाद उनका बच्चा मिल गया. तभी से वे औंगारीधाम पर आकर छठ व्रत कर रही है. मनेर के दोस्तनगर निवासी गौरशंकर राय ने बताया कि संतान की कामना पर मुझे संतान की प्राप्ति हुई.
इसी के बाद से मैं पिछले पांच वर्षों से यहां आकर छठ व्रत कर रहा हूं. पटना जिले के कोठिया गांव निवासी राजकुमार रविदास ने बताया कि मन्नत पूरी होने के बाद से वे पिछले वर्ष से छठ व्रत करने औंगारीधाम आता हूं.
