बिहारशरीफ : प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के खंडहर को विश्व विरासत में शामिल करने के भारत के चार सौ पन्नों के भेजे गये डोजियर की जांच करने के लिए यूनेस्को की टीम बुधवार को नालंदा पहुंची.
यूनेस्को की सहायक संस्था इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ मोनूमेंट्स एंड साइट्स के एक्सपर्ट जापान के प्रो मसाया मसूई के नेतृत्व में पहुंची टीम के सदस्यों ने पूरे नालंदा खंडहर का भ्रमण कर हर चीज की बारीकी से जांच की तथा जानकारी ली.गुरुवार को प्रो मसूई पुरातत्व विभाग, जिला प्रशासन एवं नालंदा खंडहर से जुड़े अन्य स्टेक होल्र्डस के साथ बैठक करेंगे.
