शहर के दो अल्ट्रासाउंड क्लिनिकों पर छापा

बिहारशरीफ : सरकारी मापदंडों के अनुसार काम नहीं करने वाले अल्ट्रासाउंड क्लिनिकों पर शामत आ गयी है.इस पर रोक लगाने के लिए गठित स्वास्थ्य विभाग के धावा दल ने कार्रवाई अभियान के तहत सोमवार को फिर शहर के दो अल्ट्रासाउंड क्लिनिकों पर छापा मारा. धावा दल के दो सदस्यीय टीम ने शहर के न्यू राज […]

बिहारशरीफ : सरकारी मापदंडों के अनुसार काम नहीं करने वाले अल्ट्रासाउंड क्लिनिकों पर शामत आ गयी है.इस पर रोक लगाने के लिए गठित स्वास्थ्य विभाग के धावा दल ने कार्रवाई अभियान के तहत सोमवार को फिर शहर के दो अल्ट्रासाउंड क्लिनिकों पर छापा मारा. धावा दल के दो सदस्यीय टीम ने शहर के न्यू राज अल्ट्रासाउंड एवं स्पेक्ट्रम अल्ट्रासाउंड क्लिनिकों में छापेमारी की.

धावा दल के अधिकारी सह डीपीएम ज्ञानेंद्र शेखर व सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ शैलेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से बताया कि छापेमारी के दौरान न्यू राज अल्ट्रासाउंड क्लिनिक में कार्यरत चिकित्सक इस क्लिनिक के अलावा शेखपुरा अस्पताल में कार्यरत हैं.

संचालक ने डॉक्टर के मरीजों के देखने की अवधि जो निर्धारित की गयी है,वह दोपहर दो बजे से संध्या छह बजे तक है,जबकि क्लिनिक सुबह से ही संचालित होता है.धावा दल शेखपुरा अस्पताल के प्रभारी से संपर्क करेगा. इस मामले में क्लिनिक संचालक से जवाब-तलब किया जायेगा.

डीपीएम ने बताया कि इसी तरह शहर के स्पेक्ट्रम अल्ट्रासाउंड में छापेमारी के दौरान वहां कार्यरत कर्मियों ने जांच अधिकारियों को सहयोग नहीं दिया.इस मामले को गंभीरता से लिया गया है.

समिति के निर्णय के अनुसार होगी कार्रवाई

डीपीएम ज्ञानेंद्र शेखर ने बताया कि स्पेक्ट्रम मामले को धावा दल के जांच अधिकारी पीएनडीटी की जिला स्तरीय समिति की बैठक में रखा जायेगा.

समिति के निर्णय के अनुसार इस अल्ट्रासाउंड क्लिनिक के संचालक के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जायेगी.

तीन दिनों में पांच अल्ट्रासाउंड क्लिनिकों में हुई छापेमारी

शनिवार से लेकर सोमवार तक स्वास्थ्य विभाग के धावा दल ने जिले के पांच अल्ट्रासाउंड क्लिनिकों में छापेमारी कर चुकी है.

धावा दल ने शनिवार को राजगीर के राजगीर अल्ट्रासाउंड,मौसम हॉस्पिटल नालंदा और बिहारशरीफ के विकास अल्ट्रासाउंड क्लिनिकों में छापेमारी की गयी थी. इस दौरान विकास अल्ट्रासाउंड क्लिनिक में जांच के दौरान धावा दल के अधिकारियों ने कई त्रुटियां पायी थी.

छापेमारी टीम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विकास अल्ट्रासाउंड क्लिनिक के लाइसेंस को निलंबित कर दिया था. धावा दल द्वारा लगातार की जा रही छापेमारी से अल्ट्रासाउंड संचालकों में हड़कंप मच गया है.

धावा दल के अधिकारियों का कहना है कि अवैध रूप से लिंग जांच एवं भ्रूण हत्या पर रोक लगाना ही मुख्य उद्देश्य है,साथ ही क्लिनिक सरकारी मापदंडों के अनुसार काम कर रहा है या नहीं इस बात पर भी ध्यान दिया जा रहा है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >