बिहारशरीफ (नालंदा). सिविल सर्जन डॉ आजाद हिंदू प्रसाद के विरुद्ध चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा लगाये गये आरोपों की जांच युद्ध स्तर पर किया जा रहा है. जिला पदाधिकारी बी कार्तिकेय के निर्देश पर उपविकास आयुक्त रचना पाटील के नेतृत्व में गठित विशेष कमेटी द्वारा मंगलवार को संबंधित पक्षों से आरोपों के संबंध में गहन पूछताछ की गयी.
जांच कमेटी में शामिल अपर समाहर्ता विभागीय जांच खुर्शीद आलम, वरीय उपसमाहर्ता अभय कुमार सिंह, सरकारी वकील दशरथ प्रसाद एवं लोक अभियोजक मंजर हसन खां ने भी जांच कार्य में सक्रिय सहयोग दिया. इस दौरान औषधि विभाग, सदर अस्पताल बिहारशरीफ के एक कर्मी की सेवांत लाभ एवं पेंशन से संबंधित शिकायत की जांच के बाद इस मामले को तुरंत सिविल सर्जन को निष्पादित करने का निर्देश दिया गया. जांच समिति के द्वारा शिकायत के संबंध में डॉ फैसल अरशद, डॉ बुद्ध प्रकाश, डॉ राम कुमार प्रसाद आदि का भी बयान दर्ज किया गया.
सिविल सर्जन ने जांच समिति के समक्ष अपने को निदरेष बताते हुए सारे आरोपों को मनगढ़ंत एवं सत्य से परे कहा. इधर, चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी भी सिविल सर्जन के विरुद्ध लगाये गये आरोपों को सही बताते हुए कार्रवाई की मांग पर अडिग नजर आ रहे हैं.
