Nalanda Stampede: बिहार के नालंदा जिले में शीतला माता मंदिर में हुई भगदड़ में 9 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 8 महिलाएं शामिल हैं, जबकि एक पुरुष ने अस्पताल में दम तोड़ा. इस दर्दनाक हादसे के बाद बिहार के DGP विनय कुमार ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और पूरी घटना को लेकर बड़ा बयान दिया है.
‘इतनी भीड़, लेकिन पुलिस नहीं, यह बड़ी चूक’
DGP विनय कुमार ने साफ तौर पर माना कि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने के बावजूद पुलिस बल की तैनाती नहीं होना गंभीर लापरवाही है. उन्होंने कहा कि यह आस्था का बड़ा केंद्र है, जहां अक्सर हजारों-लाखों लोग पहुंचते हैं, ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था पहले से मजबूत होनी चाहिए थी. उन्होंने बताया कि घटना के समय करीब 25 हजार लोग मौजूद थे, लेकिन भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं थे.
सीढ़ियां फिसलन भरी, रास्ते भी अव्यवस्थित
DGP ने मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि सीढ़ियां बेहद फिसलन भरी हैं, जिससे हादसे का खतरा और बढ़ जाता है. इसके अलावा, आने-जाने के रास्तों में भी खामियां हैं, जिन्हें तत्काल सुधारने की जरूरत है, ताकि भीड़ को सही तरीके से नियंत्रित किया जा सके.
‘सिर्फ दान नहीं, सुरक्षा पर भी ध्यान दे मंदिर प्रबंधन’
मंदिर न्यास के चेयरमैन रणवीर नंदन से बातचीत का जिक्र करते हुए DGP ने कहा कि मंदिर प्रबंधन को केवल दान और आयोजन पर फोकस नहीं करना चाहिए, बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना अब बेहद जरूरी है.
मेडिकल, पानी और लाइनिंग की भी कमी
DGP ने यह भी बताया कि मौके पर बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी थी. न तो पर्याप्त मेडिकल टीम मौजूद थी, न ही पीने के पानी और लाइनिंग की उचित व्यवस्था थी. उन्होंने कहा कि इस तरह की लापरवाही बड़े हादसों को जन्म देती है और इसे हर हाल में सुधारा जाना चाहिए.
CCTV के आधार पर होगी FIR, दोषियों पर कार्रवाई
DGP विनय कुमार ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एफआईआर दर्ज की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस घटना से सबक लेते हुए भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा.
