देश की दूध की जरूरत को पूरा करेगा बिहार

राजगीर में डेयरी पर अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का सीएम ने किया उद्घाटन बिहारशरीफ : बिहार व देश में डेयरी के क्षेत्र में बहुत बेहतर कार्य हुए हैं. इसमें और सुधार की जरूरत है. हम न केवल देश की दूध की जरूरत को पूरा करें, बल्कि सभी के प्रयास से दूध उत्पादन के क्षेत्र में हम पूरी […]

राजगीर में डेयरी पर अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का सीएम ने किया उद्घाटन
बिहारशरीफ : बिहार व देश में डेयरी के क्षेत्र में बहुत बेहतर कार्य हुए हैं. इसमें और सुधार की जरूरत है. हम न केवल देश की दूध की जरूरत को पूरा करें, बल्कि सभी के प्रयास से दूध उत्पादन के क्षेत्र में हम पूरी दुनिया में छा जायेंगे. ये बातें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजगीर के अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन हॉल में गुरुवार को डेयरी पर चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कही.
उन्होंने कहा कि गांवों का स्वावलंबी बनना जरूरी है. किसान आत्मनिर्भर और खुशहाल हो इसमें सबसे महत्वपूर्ण डेयरी है. डेयरी को अपना कर किसान आत्मनिर्भर व खुशहाल बन सकेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि सूबे के 76 प्रतिशत लोग कृषि पर आश्रित है. बिहार के विकास के लिए कृषि का विकास जरूरी है.
इसी उद्देश्य से कृषि रोड मैप बनाया गया है. कृषि रोड मैप में इंद्रधनुषी क्रांति की बात कही गयी है. योजनाओं पर अमल करने के लिए कृषि कैबिनेट की स्थापना की गयी. कृषि रोड मैप का पहला लक्ष्य उत्पादन के साथ-साथ किसानों की आमदनी बढ़ाने पर जोर दिया गया है.
किसानों का बढ़ा उत्साह :
2008 से 2012 तक किसानों का उत्साह बढ़ा गया है. पूरे बिहार के किसानों का उत्साह बढ़ा है. जिले के पांच किसानों ने धान की उत्पादन में चीन के रिकॉर्ड को ध्वस्त किया है. 2012-17 तक कृषि रोड मैप में डेयरी को महत्व दिया गया है. सूबे में डेयरी को-ऑपरेटिव बना कर उसे कारगर बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जब मैं सीएम बना तो सूबे में चार लाख लीटर दूध का उत्पादन होता था. 2015 में बिहार में 15 लाख टन दूध का प्रोसेसिंग हो रहा है. दूध का ब्रांड नाम सुधा दिया गया हे. आज बिहार से दूध पश्चिम बंगाल व नई दिल्ली तक भेजा जा रहा है.
उन्होंने कहा कि अभी बहुत काम करना बाकी है. सूबे की आबादी देश की आबादी का 8.3 प्रतिशत है. सूबे में पशुओं की संख्या भी 8.3 प्रतिशत किया जाना जरूरी है. उन्होंने कहा कि किसान केवल वे नहीं है, जिनके पास जमीन है, बल्कि जमीन पर कार्य करने वाले सभी किसान है. इन सबकी आमदनी बढ़ा कर उन्हें आत्मनिभग्र बनाया जायेगा.
नयी तकनीक का उठाये लाभ :
मुख्यमंत्री ने कहा कि चार दिनों के इस अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में डेयरी से संबंधित नयी-नयी तकनीक का आदान-प्रदान होगा. उन्होंने कहा कि यहां से जो नयी चीजें निकलेंगी उसे बिहार के कृषि रोड मैप में शामिल किया जायेगा. उन्होंने किसानों से नयी तकीनकों का लाभ उठाने की अपील की.
गाय की नस्ल के विकास पर जोर देते हुए सीएम ने देसी नस्ल की गायों के ब्रीड के विकास पर भी जोर दिया. अंत में उन्होंने सभी से आह्वान किया कि आइये हम सब मिल कर प्रयास करें और दूध उत्पादन के क्षेत्र में पूरी दुनिया में छा जायें. सेमिनार को राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान करनाल के डायरेक्टर, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् नई दिल्ली के एमएल पाठक, मेवा लाल चौधरी, संजय गांधी इंस्टीच्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी के डायरेक्टर सहित डेयरी टेक्नोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि आदि ने संबोधित किया. इस अवसर पर ग्रामीण कार्य मंत्री श्रवण कुमार, विधान पार्षद हीरा बिंद, विधान पार्षद राजेश कुमार सिंह उर्फ राजू यादव, विधायक डॉ जितेंद्र कुमार, नागरिक परिषद् के सभापति ई.
सुनील कुमार, अति पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य अरूण कुमार वर्मा, डॉ विपिन कुमार यादव, जदयू जिलाध्यक्ष सियाशरण ठाकुर, राजनैतिक सलाहकार समिति के अनिल महाराज, जदयू नेता नदीम जफर आदि मौजूद थे.

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