बिहारशरीफ : नालंदा के सिविल सजर्न डॉ आजाद हिंद प्रसाद के खिलाफ सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने बिगुल फूंक दिया है. बुधवार को आयोजित एक बैठक में चिकित्सकों ने सीएस पर कई तरह के गंभीर आरोप लगाये हैं. मीडिया को दिये अपने बयान में चिकित्सकों ने संयुक्त रूप से कहा है कि अगर सीएस को जिले से अविलंब नहीं हटाया गया तो चिकित्सक आगे सशक्त संघर्ष का मन बना सकते हैं.
पत्रकारों से मुखातिब होते हुए डॉ फैसल अरशद ने बताया कि पिछले दिनों सदर अस्पताल में इलाज के लिए भरती हुए अनशनकारियों को देखने के बाद सबों को टेस्ट के लिए लिखा गया था. जैसे ही टेस्ट की जानकारी सीएस को मिली, उन्होंने हमें अपने कार्यालय कक्ष में बुला लिया और अनशनकारियों के टेस्ट के संबंध में पूछते हुए हमारे साथ अमर्यादित तरीके से बातचीत की. डॉ फैसल ने बताया कि सिविल सजर्न दो महिला स्वास्थ्यकर्मियों के साथ ईल हरकत किया करते हैं.
बैठक के बाद नालंदा डिस्ट्रिक डॉक्टर्स एसोसिएशन के पैड पर चिकित्सकों की हस्ताक्षरयुक्त एक विज्ञप्ति भी पत्रकारों को उपलब्ध करायी गयी है. विज्ञप्ति में सीएस के व्यवहार की तीखी निंदा की गयी है. चिकित्सकों ने सरकार से नालंदा के सीएस को पद से हटाने की मांग की है.
इस संबंध में पूछे जाने पर नालंदा के सिविल सजर्न डॉ आजाद हिंद प्रसाद ने फोन पर बताया कि उक्त सभी आरोप गलत हैं.
उन्होंने बताया कि डॉ फैसल अरशद सप्ताह में तीन दिन ही ड्यूटी करते हैं, उन्हें पिछले दिनों अंत्यपरीक्षण व इंज्यूरी रिपोर्ट तैयार करने की बात उन्हें कही गयी थी. इसी बात से कुंठित होकर वे इस तरह के आरोप लगा रहे हैं. खुद के पटना में होने की बात कहते हुए सीएस ने फोन पर कहा कि वह काम में विश्वास रखते हैं,काम में कोताही हरगिज बरदाश्त नहीं की जायेगी.
एक महिला स्वास्थ्य कर्मी द्वारा लगाये गये गंभीर आरोप के संबंध में पूछे जाने पर सीएस ने अपनी सफाई में कहा कि पिछले दिनों उक्त महिला स्वास्थ्यकर्मी के खिलाफ विभाग को लिखा गया था, इसी बात से नाराज होकर उक्त महिला स्वास्थ्यकर्मी ने हमारे खिलाफ ऐसे गंभीर आरोप लगाये हैं. बुधवार को आयोजित बैठक में डॉ फैसल अरशद,डॉ नूर फातिमा,डॉ श्रीकांत प्रसाद,डॉ अखिलेश कुमार,डॉ मुस्तफा,डॉ विजेंद्र प्रसाद, स्वास्थ्यकर्मी कौशलेंद्र प्रसाद,रणधीर कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित थे.
