Nalanda Temple Stampede: नालंदा के शीतला माता मंदिर में हुई भगदड़ की घटना ने प्रशासन की तैयारियों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. इस मामले की जांच में शुरुआती तौर पर गंभीर लापरवाही सामने आई है. डीजी ऑपरेशन और स्पेशल ब्रांच कुंदन कृष्णन ने खुद मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और साफ कहा कि भीड़ को संभालने में बड़ी चूक हुई है.
जांच के दौरान यह सामने आया कि मंदिर परिसर के अंदर अव्यवस्थित तरीके से दुकानें लगा दी गई थीं. इससे आने-जाने का रास्ता काफी संकरा हो गया था. जब अचानक भीड़ बढ़ी और भगदड़ मची, तो लोगों को बाहर निकलने का सही रास्ता नहीं मिला. यही वजह रही कि हालात तेजी से बिगड़ गए और कई लोग इसकी चपेट में आ गए.
पटना में सीसीटीवी फुटेज की होगी जांच
सबसे बड़ी समस्या यह भी रही कि एम्बुलेंस को समय पर अंदर जाने का रास्ता नहीं मिल पाया. रास्ते जाम होने के कारण घायलों को जल्दी इलाज नहीं मिल सका, जिससे नुकसान और बढ़ गया. अब सीसीटीवी फुटेज को पटना मुख्यालय ले जाकर जांच की जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि आखिर किस स्तर पर चूक हुई.
थाना प्रभारी निलंबित
सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है. घटना के बाद स्थानीय थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है और अन्य अधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में है. गृह मंत्री ने इसे दुखद घटना बताते हुए कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और पीड़ितों को हर संभव मदद दी जाएगी.
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पर्याप्त इंतजाम नहीं थे
जानकारी के अनुसार, इस दिन मंदिर में असामान्य भीड़ थी. मंगलवार और महावीर जयंती का संयोग था. बावजूद इसके, भीड़ नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मौके पर पुलिस बल भी पर्याप्त नहीं था, जिससे हालात को तुरंत काबू नहीं किया जा सका. अब प्रशासन की कोशिश है कि जांच पूरी कर जल्द जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए. साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए भीड़ प्रबंधन के नियमों को और सख्ती से लागू करने की बात कही है.
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