हिलसा : पटना के बहादुरपुर हाउसिंग कॉलोनी बम ब्लास्ट में हेमंत कुमार का नाम आने के बाद उसके पैतृक गांव जमुआरा में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है.गांव के लोग यह मानने को तैयार नहीं हैं कि इतनी बड़ी घटना में हेमंत की संलिप्तता नहीं हो सकती है.हेमंत के पिता ब्रहमदेव प्रसाद पेशे से किसान हैं.
हेमंत अपने पिता का सबसे छोटा पुत्र है.वह शुरू से ही कुशाग्र बुद्धि का रहा है.पढ़ाई के प्रति उसकी रुचि जगजाहिर है. हेमंत पटना स्थित बहादुरपुर हाउसिंग कॉलोनी के एमआइजी में अपने दोस्तों के साथ रहता था. उसी फ्लैट के एक कमरे में वह अपने पुत्र विकास कुमार तथा प्रकाश कुमार के अलावे भतीजा अशोक कुमार एवं हिमांशु के साथ रहता था.बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ हेमंत पटना के ही विद्यासागर कोचिंग सेंटर में भी पढ़ाता था.इसी बीच छह माह पूर्व हेमंत की नौकरी एकंगरसराय प्रखंड के धनगावां स्थित प्राथमिक विद्यालय में नियोजित शिक्षक के रूप में हो गयी थी.सुबह-शाम कोचिंग सेंटर के अलावे बच्चों को पढ़ाने के बाद पटना से ही वह प्रतिदिन विद्यालय भी आता-जाता था.भतीजा अशोक कुमार को एलडीसी में हो गया था.
इसी फ्लैट के दूसरे कमरे में एकंगरसराय थाना के बदैराबाद गांव निवासी कुंदन कुमार रहता था.उसका आचरण शुरू से ही संदिग्ध था.जमुआरा गांव के ग्रामीणों का कहना है कि बम ब्लास्ट की घटना कुंदन के कमरे में हुई थी.उस समय हेमंत के कमरे में उसका पुत्र एवं भतीजा सोया हुआ था.बम ब्लास्ट की आवाज सुन कर सभी बच्चे कमरे से भाग गये. गांव निवासी एवं हिलसा प्रखंड युवा जद यू के अध्यक्ष उमेश यादव ने कहा कि हेमंत कुमार का कभी भी आपराधिक इतिहास नहीं रहा है.हेमंत के वृद्ध पिता बुद्धन दास भी अपने पुत्र को बेकसूर होने का दावा कर रहे हैं.
कहते हैं कि जांच एजेंसी से निष्पक्ष व पूरी जांच होनी चाहिए. बम ब्लास्ट की घटना के बाद तीनों बच्चे काफी सहमे हुए हैं. हेमंत का भतीजा हिमांशु कुमार कहता है कि घटना के वक्त हम तीनों अपने कमरे में सोये हुए थे. आवाज सुन कर हम सभी भागने लगे.बच्चों ने बताया कि बम ब्लास्ट की घटना बगल के उसी कमरे में घटी,जिसमें कुंदन रहता था.
